चंद्रोदय इंटरनेशनल अकादमी पर गंभीर आरोप, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ का दावा !
ब्यूरो रिपोर्ट नारद संवाद न्यूज़।
बाराबंकी:- भारतीय किसान यूनियन (भदोरिया) के जिला अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी बाराबंकी को शिकायती पत्र देकर चंद्रोदय इंटरनेशनल अकादमी, पिपरी महार, ब्लॉक सूरतगंज की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में विद्यालय प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी करने तथा अभिभावकों को गुमराह करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार वह अपने बच्चे का प्रवेश कराने विद्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने विद्यालय की मान्यता, भवन, कंपोजिट विद्यालय से दूरी सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी मांगी। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और बाद में दस्तावेज दिखाने की बात कहकर टालमटोल करता रहा। इससे विद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मान्यता, भवन और शिक्षक भर्ती पर उठे सवाल !
किसान यूनियन द्वारा दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय के पास #भूकंपरोधी प्रमाणपत्र नहीं है। साथ ही दावा किया गया है कि विद्यालय किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से संबद्ध नहीं होने के बावजूद सैकड़ों बच्चों का प्रवेश लेकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि विद्यालय और निकट स्थित कंपोजिट विद्यालय के बीच निर्धारित दूरी मानकों का पालन नहीं किया गया है। इसके अलावा विद्यालय भवन का नक्शा संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृत न होने तथा भवन संबंधी अभिलेखों में अनियमितता होने का भी आरोप लगाया गया है। किसान यूनियन ने #शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को भी मानकों के अनुरूप न होने का मुद्दा उठाया है।
भ्रामक प्रचार का आरोप, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी !
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय द्वारा क्षेत्र में लगे #होर्डिंग और प्रचार सामग्री में मान्यता संबंधी भ्रामक जानकारी देकर ग्रामीणों और अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि भोले-भाले अभिभावकों को भ्रमित कर बच्चों का प्रवेश कराया जा रहा है, जिससे उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है।
भारतीय किसान यूनियन (भदोरिया) ने बेसिक शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यालय परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की होगी।