व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर फिर छिड़ी बहस !
रिपोर्ट: नारदसंवाद
बिहार :- भोजपुर जिले में भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वाले #समाजसेवी #भरत तिवारी की मौत को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों द्वारा इस घटना को #फेक एनकाउंटर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
भरत तिवारी को व्यवस्था की खामियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर आवाज माना जाता था। उनकी #मौत के बाद समर्थकों और परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
घटना को लेकर लोगों का कहना है कि यदि व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वालों को इस तरह चुप कराया जाएगा तो #लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। वहीं, मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई जा रही है।
सामाजिक संगठनों ने कहा कि जब तक देश का युवा सुरक्षित नहीं होगा और अन्याय के खिलाफ बोलने वालों को संरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद अधूरी रहेगी। लोगों ने #भरत तिवारी की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
































