अप्रैल माह से जारी बहिष्कार आंदोलन का हुआ पटाक्षेप, वकीलों की एकजुटता के आगे झुका प्रशासन !
रिपोर्ट : अन्नू तिवारी/ पत्रकार राघवेन्द्र मिश्रा
हैदरगढ़(बाराबंकी):- हैदरगढ़ तहसील में पिछले लगभग दो माह से चल रहे अधिवक्ताओं के बहिष्कार और विरोध आंदोलन का आखिरकार समाधान निकल आया। अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बाद जिलाधिकारी बाराबंकी द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एसडीएम राजेश विश्वकर्मा से न्यायिक कार्यभार वापस ले लिया गया है।
बताया जाता है कि बीते दिनों वार एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया था। इसके बाद तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अधिवक्ताओं का आरोप था कि तहसील में #भ्रष्टाचार, घूसखोरी तथा प्रशासनिक अनियमितताओं का माहौल व्याप्त है, जिसकी शिकायत लगातार की जा रही थी।
विवाद बढ़ने पर अपर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप और जिलाधिकारी #ईशान प्रताप सिंह के साथ हुई वार्ता के बाद समाधान का रास्ता निकला। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर मामले का निस्तारण किया।
प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार एसडीएम राजेश विश्वकर्मा से न्यायिक कार्यभार हटाकर मजिस्ट्रेट मधुमिता सिंह को यह जिम्मेदारी सौंप दी गई है। हालांकि राजेश विश्वकर्मा एसडीएम (प्रशासन) के पद पर यथावत बने रहेंगे।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यह फैसला उनकी एकता, संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की बड़ी जीत है। वहीं इस निर्णय के बाद लंबे समय से चल रहा बहिष्कार आंदोलन भी समाप्त हो गया है और न्यायिक कार्य सामान्य रूप से शुरू होने की उम्मीद है।
































