गाली-गलौज, मारपीट और रुपये छीनने के आरोप से गरमाई तहसील की सियासत
एसडीएम का पलटवार- “वकीलों ने दी भद्दी गालियां, दबाव बनाकर कराना चाहते हैं काम”
राघवेन्द्र मिश्रा (एडिटर)
बाराबंकी :- हैदरगढ़ तहसील में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब सैकड़ों अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष अचल मिश्रा के नेतृत्व में तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वकीलों ने एसडीएम समेत राजस्व अमले पर मनमानी, भ्रष्ट कार्यशैली, वादकारियों के मामलों में अनावश्यक विलंब और अधिवक्ताओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
तहसील परिसर घंटों तक नारेबाजी से गूंजता रहा। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील में जनता और अधिवक्ताओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण नहीं किया जा रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी फाइलों को जानबूझकर लंबित रख रहे हैं, जिससे वादकारियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब बार एसोसिएशन अध्यक्ष अचल मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे रुपये तक छीन लिए गए। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते सैकड़ों वकील तहसील परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए।
“एसडीएम ने कर्मचारियों को उकसाया” — अचल मिश्रा
बार एसोसिएशन अध्यक्ष अचल मिश्रा ने आरोप लगाया कि जब वह न्यायालय से बाहर निकल रहे थे, तभी उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को उन पर हमला करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
एसडीएम ने आरोपों को बताया निराधार दूसरी ओर उपजिलाधिकारी राजेश विश्वकर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उन्होंने चार से पांच बार पत्र भेजकर बार एसोसिएशन को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन कोई प्रतिनिधि बातचीत के लिए नहीं आया।
एसडीएम के अनुसार, “आज जब मैं न्यायालय से बाहर निकल रहा था, तभी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मुझे और मेरी माता के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद अन्य अधिवक्ता भी वहां पहुंच गए और मेरा घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी।”
प्रशासन बनाम अधिवक्ता: अब जिला प्रशासन की परीक्षा
वकीलों ने उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम को तत्काल हटाने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप के बीच हैदरगढ़ तहसील का यह विवाद जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है और सच्चाई सामने लाने के लिए किस प्रकार की कार्रवाई करता है।