नैतिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा के समन्वय पर दिया गया विशेष जोर !
रिपोर्ट : राहुल त्रिपाठी बाराबंकी
लखनऊ(बाराबंकी) – श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (एसआरएमयू) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा शुक्रवार को ‘समग्र विकास और शिक्षा की भूमिका’ विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच मूल्यपरक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व को रेखांकित करना था।
विश्वविद्यालय के चांसलर इं. पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर इं. पूजा अग्रवाल एवं शैक्षणिक सलाहकार आरुषी अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों के डीन, डायरेक्टर, विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. कुमार संभव (एसोसिएट डीन, फैकल्टी ऑफ वैल्यू एजुकेशन, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ एवं डायरेक्टर, यूपीआईडी नोएडा) ने कहा कि समग्र विकास केवल बौद्धिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि शारीरिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास का संतुलित स्वरूप है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य व्यक्ति को पूर्ण मानव के रूप में विकसित करना है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी और तेजी से बदलते दौर में नैतिक मूल्यों एवं आधुनिक ज्ञान का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को संवेदनशील, आत्मनिर्भर, दूरदर्शी और नैतिक रूप से सशक्त नागरिक बनाना भी है।
रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) हेमेंद्र शर्मा ने कहा कि आईक्यूएसी द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय में गुणवत्ता आधारित एवं मूल्यपरक शिक्षा को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
आईक्यूएसी की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) ऋतु चंद्रा ने कहा कि समग्र विकास शिक्षा की आत्मा है। शिक्षा तभी सार्थक मानी जाएगी जब वह विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, करुणा, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता से भी सशक्त बनाए।
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) बी.एम. दीक्षित, प्रो. (डॉ.) वीणा सिंह, प्रो. (डॉ.) अकांक्षा निगम, प्रो. (डॉ.) अभिषेक सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकों एवं अधिकारियों ने सहभागिता की। आयोजन समिति में डॉ. शिल्पा शुक्ला, डॉ. मृत्युंजय राय तथा अभिषेक कुमार सक्सेना ने कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
































