रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी।बांदा-बहराइच हाईवे पर सरयू नदी के ऊपर बना संजय सेतु इन दिनों गंभीर खतरे का संकेत दे रहा है। पुल के एक ज्वाइंटर पर बना भीषण और गहरा गड्ढा लगातार दुर्घटनाओं का कारण बनता जा रहा है। हालत यह है कि दोपहिया और छोटे वाहन चालक जान जोखिम में डालकर पुल पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।करीब 42 वर्ष पूर्व निर्मित यह पुल बाराबंकी जनपद को गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जैसे जिलों से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी व हल्के वाहन इस पुल से गुजरते हैं। समय के साथ बढ़ते यातायात दबाव और क्षमता से अधिक भार के कारण पुल के ज्वाइंटरों में दरारें और गड्ढे बनना आम हो गया है। वर्तमान में एक ज्वाइंटर पर बना गहरा गड्ढा सबसे अधिक खतरनाक स्थिति में है, जिससे वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं। राहगीरों का कहना है कि रात के समय यह गड्ढा और भी घातक साबित हो रहा है। कई बार दोपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर गिर चुके हैं। हालांकि अभी तक कोई बड़ा हादसा सामने नहीं आया है, लेकिन स्थिति दिन-ब-दिन चिंताजनक होती जा रही है।
इधर विभागीय स्तर पर संपूर्ण पुल के मरम्मतीकरण की तैयारी किए जाने का दावा किया जा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पीपा पुल निर्माण के लिए 6 करोड़ 22 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। संबंधित सामग्री भी मौके पर पहुंचा दी गई है। इसके बावजूद अब तक कार्य प्रारंभ न होने से लोगों में नाराजगी है।ठेकेदार के अनुसार बजट पास हो चुका है और मशीनरी व श्रमिक भी तैयार हैं। शीघ्र ही पीपा पुल निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा, जिसे पूरा होने में लगभग एक माह का समय लगेगा। पीपा पुल के चालू होते ही संजय सेतु के व्यापक मरम्मत कार्य की शुरुआत की जाएगी।फिलहाल स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बड़े मरम्मत कार्य से पूर्व पुल पर बने गड्ढे की तत्काल अस्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और आवागमन सुरक्षित बनाया जा सके।































