नारद संवाद न्यूज़।बाराबंकी जिले के सफेदाबाद स्थित हिन्द इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (HIMS) में शनिवार दोपहर उस वक्त गृह युद्ध जैसा माहौल बन गया, जब कॉलेज की चेयरपर्सन डॉ. ऋचा मिश्रा और पूर्व अध्यक्ष डॉ. अमोद कुमार सचान को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया। ट्रस्टी बृज किशोर सिंह के बाउंसरों और सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर काफी देर तक गेट पर हड़कंप और तीखी नोकझोंक की स्थिति बनी रही। हालांकि भारी गहमागहमी के बाद डॉ. सचान और उनकी पत्नी परिसर के अंदर पहुंचने में सफल रहे जहां उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कॉलेज प्रबंधन पर अवैध कब्जे और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए।
जानकारी के मुताबिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. ऋचा मिश्रा ने बताया कि हिन्द मेडिकल कॉलेज एक ट्रस्ट के अधीन है जिसमें मूल रूप से सात सदस्य थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने साजिश रचकर पुरानी कमेटी को अनधिकृत तरीके से भंग कर दिया और खुद को अध्यक्ष व अन्य पदों पर घोषित कर लिया। डॉ. ऋचा के अनुसार ट्रस्ट में वर्तमान में वह स्वयं, उनके पति डॉ. सचान और बहराइच के डॉ. बीके सिंह ही वैध ट्रस्टी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में नियुक्त किए गए एक अधिकारी ने दस्तावेजों पर कब्जा कर लिया और डॉ. बीके सिंह के परिवार को गुमराह कर तख्तापलट की साजिश रची। डॉ. ऋचा ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे विवाद का मुख्य उद्देश्य ट्रस्ट के फंड पर कब्जा करना है जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। साथ ही चार लोगों को सेवा से बर्खास्त भी किया गया ।
कॉलेज परिसर में उपजे इस तनावपूर्ण माहौल ने छात्रों और मरीजों के बीच भी चर्चाएं तेज कर दी हैं। डॉ. सचान ने मीडिया से कहा कि जो लोग आज खुद को सर्वेसर्वा बता रहे हैं वे अनधिकृत रूप से कॉलेज पर काबिज होना चाहते हैं और इसी वजह से उन्हें अपने ही संस्थान में घुसने से रोका गया।