रिपोर्ट/सन्दीप शुक्ला

रामनगर (बाराबंकी)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर तहसील रामनगर क्षेत्र के ग्राम लोधौरा स्थित सुप्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का जनसमूह उमड़ पड़ा। देर रात से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला अनवरत जारी है। मंदिर परिसर ‘हर-हर बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु स्नान के उपरांत हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, फल-फूल लेकर बैरिकेडिंग से होते हुए गर्भगृह तक पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। उप जिलाधिकारी रामनगर गुंजिता अग्रवाल मेला क्षेत्र में मौजूद रहकर स्वच्छता एवं मूलभूत व्यवस्थाओं की निगरानी करती रहीं। मंदिर प्रांगण से लेकर बैरिकेडिंग तक पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। पीएसी और पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन-पूजन कराते रहे।शनिवार की रात जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय प्रशासनिक टीम के साथ मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने मंदिर प्रांगण, बैरिकेडिंग, मेला परिसर व शिव अभरण सरोवर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि जलाभिषेक को आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, कोतवाल अनिल कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। गर्भगृह में पुलिस क्षेत्राधिकारी सौरभ श्रीवास्तव और निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के बाद सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे।हालांकि, इस बार महाशिवरात्रि पर अनुमानित भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। सुबह तक भीड़ मंदिर प्रांगण तक ही सीमित रही। श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहनों की पार्किंग दूर होने और लंबी बैरिकेडिंग के कारण बुजुर्गों व बच्चों का आना कम हुआ है, जिसका असर मेले की रौनक पर दिखाई पड़ा।महाशिवरात्रि पर अपेक्षित भीड़ न उमड़ने से दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी नजर आई। उन्हें उम्मीद थी कि महाशिवरात्रि पर बिक्री बेहतर होगी, लेकिन भीड़ कम रहने से व्यापार प्रभावित रहा।इसके बावजूद प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अधिकारी लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु शांतिपूर्वक जलाभिषेक कर सकें।































