रिपोर्ट/सन्दीप शुक्ला

रामनगर बाराबंकी।लोधेश्वर महादेवा के फाल्गुनी मेले में श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। रंग-बिरंगी कांवड़ कंधों पर रखे और पैरों में घुंघरुओं की छम-छम के साथ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष करते हुए श्रद्धालुओं के समूह लोधेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु अपनी कांवड़ को त्रिशूल से स्पर्श कराकर बिठूर से लाए गंगाजल से भगवान लोधेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर रहे हैं।पहले इस मेले में अधिकतर पुरुष कांवड़िए ही आते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से महिलाओं और बच्चों की भागीदारी भी बढ़ी है। कानपुर के बिठूर से महिलाएं और बच्चे भी पदयात्रा कर लोधेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए मेला क्षेत्र में जगह-जगह विशाल भंडारे लगाए गए हैं, जहां कांवड़िए प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।कांवड़ लेकर आए श्रद्धालुओं के समूह में शामिल कक्षा 6 के छात्र अश्विनी और कक्षा 8 के छात्र हिमांशु ने अपने पिता के साथ बिठूर से गंगाजल भरकर पैदल यात्रा पूरी की और जलाभिषेक किया। छात्रों ने बताया कि जलाभिषेक करने की इच्छा के कारण वे अपने पिता के साथ पैदल यात्रा कर यहां पहुंचे और पूजा-अर्चना के बाद उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई।श्रद्धालु सरयू (घाघरा) नदी में स्नान कर वहां का जल भी लाकर भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं। इसके बाद मंदिर परिसर के पीछे बने हवन कुंडों पर हवन-पूजन कर अपने द्वारा हुई गलतियों के लिए भगवान से क्षमा याचना करते नजर आए। हवन के बाद प्रसाद वितरण कर श्रद्धालु अपने घरों को प्रस्थान कर रहे हैं।
इधर, लगातार दो दिनों से मेला अपेक्षाकृत हल्का रहने से दुकानदारों में मायूसी है।

दुकानदारों का कहना है कि वे पूरे वर्ष इस मेले का इंतजार करते हैं, लेकिन भीड़ कम होने से जमा पूंजी और किराया निकालना भी मुश्किल हो सकता है।मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता तथा अधिकारी तैनात हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत व रामनगर कोतवाल अनिल कुमार पांडे लगातार मेला क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।






























