Skip to main content

Naradsamvad

मित्रता को लाभ-हानि के तराजू में नहीं तौलना चाहिए : कथावाचक चन्द्रशेखर

Vivek Shukla
2 Min Read

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी। क्षेत्र के ग्राम गौराचक में आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा का बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में समापन हो गया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा का श्रवण किया और महाप्रसाद ग्रहण किया।कथा के अंतिम दिन पांच दिनों तक रामकथा के माध्यम से ज्ञान गंगा प्रवाहित करने वाले कथावाचक चन्द्रशेखर जी महाराज का आयोजकों व श्रद्धालुओं ने पुष्पमाला, शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। समापन पर पूर्णाहुति हवन और महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया।धर्मसभा को संबोधित करते हुए कथावाचक ने श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्ची मित्रता को कभी लाभ-हानि के तराजू में नहीं तौलना चाहिए। उन्होंने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि जब तक राजा परीक्षित ने सुखदेव जी के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण नहीं किया था, तब तक वे मृत्यु के भय से व्याकुल थे, लेकिन सात दिनों तक भगवान विष्णु के अवतारों और श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण कर वे भयमुक्त हो गए।उन्होंने कहा कि रामकथा और भागवत कथा मनुष्य को भय तथा सांसारिक मोह-बंधन से मुक्त करने का मार्ग दिखाती हैं। श्रीमद्भागवत का प्रत्येक अक्षर जीवन को नई प्रेरणा देता है और मनुष्य को भगवान के चरणों में स्थान दिलाने का मार्ग प्रशस्त करता है।इस अवसर पर प्रधान मोहन रावत, पूर्व प्रधान बृजेश कुमार, सूरतगंज ब्लॉक प्रमुख शेखर हरियाण, गौरीकांत दीक्षित (आनंद), भाजपा नेता लवलेश, डॉ. सूरज, मनोज कुमार, कुंवारे विजय प्रताप, हरिओम, मुकेश कुमार, बबलू, विक्रम, प्रदीप, विजयपाल, अभिषेक, रामफेरे, केशोराम, अनंतराम, राममिलन, कुट्टू, साधुराम, ओमकार, अमरेश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

ALSO READ  WhatsApp का नया नियम: 1 जनवरी 2026 से अकाउंट के लिए फिजिकल सिम कार्ड जरूरी, वरना बंद होगी सर्विस
Ad image
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!