रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
रामनगर (बाराबंकी)। महिला की अस्मत से खिलवाड़ करने तथा परिजनों को डकैती के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के आरोप में थाना रामनगर में तैनात दारोगा अखिलेश कुमार को पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने लाइन हाजिर कर दिया है। मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत को सौंपी गई है।बताया जाता है कि थाना रामनगर क्षेत्र के ग्राम कुम्हरवा निवासी अरुण कुमार ने पुलिस अधीक्षक व मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। आरोप है कि पारिवारिक विवाद के एक प्रार्थना पत्र की जांच के सिलसिले में दारोगा अखिलेश कुमार उनके घर आए थे। इसी दौरान उन्होंने विश्वास में लेकर अरुण कुमार की पत्नी को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उससे मोबाइल पर बातचीत तथा मिलना-जुलना शुरू कर दिया।पीड़ित के अनुसार करीब पांच माह पूर्व उसकी पत्नी अपनी ननद के साथ रामनगर गई थी, तभी दारोगा कार लेकर पहुंचा और ननद के विरोध के बावजूद महिला को जबरन कार में बैठाकर ले गया तथा करीब आधे घंटे बाद तहसील के पास छोड़ दिया।अरुण कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि करीब एक माह पहले जब उसकी पत्नी घर पर अकेली थी, तब दारोगा घर पहुंचा और बहाने से ननद को बाहर भेज दिया। वापस आने पर परिजनों ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। परिवार द्वारा दारोगा के घर आने-जाने का विरोध किए जाने पर वह नाराज हो गया और 28 जनवरी को घर पहुंचकर पत्नी से मिलाने की जिद करने लगा। विरोध करने पर पूरे परिवार को डकैती के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।पीड़ित के मुताबिक दारोगा और उसकी पत्नी के बीच हुई मोबाइल बातचीत के कई ऑडियो भी उसके पास मौजूद हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे हैं।मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने आरोपी दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया है तथा पूरे प्रकरण की जांच सीओ गरिमा पंत को सौंप दी है।