Skip to main content

Naradsamvad

[post-views]

बार काउंसिल यूपी चुनाव: प्रत्याशी प्रद्युम्न बाजपेई ने गिनाए वादे, अधिवक्ताओं के हित में संघर्ष का किया ऐलान

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी।बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य पद के प्रत्याशी प्रद्युम्न बाजपेई ने अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े अपने चुनावी वादों को सार्वजनिक करते हुए कहा कि यदि वे निर्वाचित होते हैं तो तहसील स्तर के अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा राजस्व विधि व्यवसाय को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। कानून की प्रत्येक धारा के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है, जिसका स्थानीय मजिस्ट्रेट अपने-अपने ढंग से न्यायालयों में प्रयोग कर रहे हैं। इसके चलते कई मामलों में दोनों पक्षों को विधिवत सुने बिना एक-दो पेशियों में ही निर्णय सुना दिया जाता है, जिससे न्याय दुर्लभ होता जा रहा है। इस व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।प्रद्युम्न बाजपेई ने आरोप लगाया कि त्वरित निर्णयों का विरोध करने पर अधिवक्ताओं को सरकार के कार्य में बाधा डालने की धमकी दी जाती है। इस गंभीर मुद्दे को भी बार काउंसिल के मंच से मजबूती से उठाया जाएगा।उन्होंने कहा कि सभी तहसीलों में ग्राम न्यायालयों की स्थापना एवं उनका सुचारु संचालन कराया जाएगा। साथ ही मुंसिफ कोर्ट के संचालन को प्रभावी बनाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
प्रत्याशी ने यह भी कहा कि जब अधिवक्ता संघ या अधिवक्ता अपनी समस्याएं उठाते हैं तो कई बार न्यायालयों द्वारा अवमानना की कार्रवाई कर दी जाती है, जबकि उच्च न्यायालय द्वारा अधिवक्ताओं को न्यायालय का अधिकारी माना गया है। इसके बावजूद ऐसी कार्रवाइयां दुर्भाग्यपूर्ण हैं।कचहरी परिसरों में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं संक्षिप्त पुस्तकालय की स्थापना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा, जिससे अधिवक्ताओं को न्यायिक संदर्भ सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके।इसके अतिरिक्त सरकार के पास लंबित अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को शीघ्र लागू कराने पर बल दिया जाएगा।उन्होंने वादा किया कि जूनियर अधिवक्ताओं को पंजीकरण के बाद पांच वर्षों तक 10, हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिलाने तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं के सेवानिवृत्त होने पर 10, हजार रुपए मासिक पेंशन की व्यवस्था के लिए भी ठोस पहल की जाएगी।
प्रद्युम्न बाजपेई ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य को सुरक्षित करना है।

ALSO READ  बाराबंकी डीएम शशांक त्रिपाठी ने सड़क पटरियों से अवैध अतिक्रमण हटाने के दिये निर्देश
Ad image

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

1609428
Total Visitors
error: Content is protected !!