रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर, बाराबंकी।क्षेत्र के अमोली कला गांव स्थित प्राचीन मातन ताल परिसर में धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा का अनुपम संगम देखने को मिला। नववर्ष के अवसर पर यहां विधि-विधान से गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुतियां दीं।यज्ञोपरांत आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के आयोजक गौरीकांत दीक्षित ने मानव सेवा को सर्वोपरि बताते हुए ठंड से राहत के लिए जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। साथ ही समाज के वरिष्ठ बुजुर्गों एवं समाजसेवियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।महायज्ञ का आयोजन महंत अर्चना गिरी (जूना अखाड़ा) के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष रामशरण पाठक, ब्लाक प्रमुख संजय तिवारी, गोविंद दीक्षित, विष्णु शास्त्री, रमेश शुक्ला, रमाकांत शुक्ला, रामजी दीक्षित, विमल तिवारी, रोशन शुक्ला, सुमित शुक्ला गोरे,राजेश पाठक, ज्वाला प्रसाद मिश्रा, अर्जुन सिंह, राम नरेश विश्वकर्मा, अनमोल मिश्रा, बृजेश मिश्रा, शशिकांत मिश्रा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।पूरे आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ की आहुतियों और सेवा कार्यों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने ऐसे आयोजनों को समाज में धार्मिक चेतना, आपसी सौहार्द और सहयोग को मजबूत करने वाला बताया।































