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Naradsamvad

जैन धर्म सामाजिक एकता का प्रतीक है -संजय तिवारी

Vivek Shukla
2 Min Read

उमंग, उल्लास और भक्तिभाव से गूंज उठा त्रिलोकपुर

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रामनगर बाराबंकी।कस्बा त्रिलोकपुर मंगलवार को पूरी तरह आस्था और उल्लास में डूब गया, जब भगवान श्री 1008 नेमिनाथ के गर्भकल्याणक महोत्सव का शुभारम्भ धार्मिक उत्साह के साथ हुआ। सुबह से ही जैन समाज के श्रद्धालु मंदिरों में उमड़ पड़े। पूजा-अभिषेक और शांति धारा के बाद भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई
रामनगर ब्लाक प्रमुख संजय तिवारी ने पहुंचकर भगवान नेमिनाथ की पूजा अर्चना कर आरती उतारी। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख संजय तिवारी ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा सामाजिक एकता एवं विरासत का प्रतीक है। जैन धर्म के संतो ऋषि मुनियों ने हमेशा समाज के लोक कल्याण के लिए काम किया है। इस धर्म के भगवान का इतिहास लोक-मंगल की कामना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने हमेशा अहिंसा परमो धर्म को ही सर्वोपरि रखा है।
रथयात्रा में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते, झूमते और नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी के चेहरों पर आस्था और आनंद झलक रहा था। नगरवासियों ने जगह-जगह आरती, पुष्पवर्षा और प्रसाद वितरण कर श्रद्धा प्रकट की।जुलूस छोटे मंदिर से प्रारंभ होकर बड़े मंदिर तक पहुंचा, जहां भगवान का पुनः अभिषेक पूजन और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। महोत्सव में श्रीचंद जैन, कल्याणचंद जैन, राजू जैन, सुनील जैन, विजय जैन, शांति जैन, मुकेश जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।सुरक्षा की दृष्टि से थाना मसौली प्रभारी अमित प्रताप सिंह के नेतृत्व में देवा, बदोसराय और महिला थाने की पुलिस फोर्स तैनात रही। पूरे आयोजन में शांति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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