Naradsamvad

[post-views]

कविताओं में समाज, जीवन व चेतना से जुड़े गहरे विचार और संदेश छिपे होते हैं- गौरीकांत दीक्षित

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी। पीजी कॉलेज में शनिवार को ‘ द्वितीय साहित्य रत्न सम्मान समारोह एवं विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।वाणी पुत्रों ने अपनी रचनाओं के जरिए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि भाजपा नेता गौरीकांत दीक्षित तथा विशिष्ट अतिथि रानी मृणालिनी सिंह ने सामूहिक रूप से माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कविसम्मेलन का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि गौरी दीक्षित ने कहा कि कवि सम्मेलनों में कवि अपनी कविताओं के माध्यम से जो ज्ञान और विचार प्रस्तुत करते हैं, उन्हें ध्यान से सुनकर और समझकर ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। कविताओं में समाज, जीवन और चेतना से जुड़े गहरे विचार और संदेश छिपे होते हैं। उन्होंने कहा कि कविताएँ केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं होतीं, बल्कि उनमें समाज, संस्कृति और मानव जीवन से जुड़े ज्ञानवर्धक विचार भी होते हैं। कवि सम्मेलनों जैसे साहित्यिक मंचों पर कवि अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करके श्रोताओं को नई सोच और ज्ञान से जोड़ते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कौशलेंद्र विक्रम मिश्र ने विद्यार्थियों से अपनी कला और संस्कृति के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देने का आह्वान किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह क्लब आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। इस अवसर पृहलाद सिंह रिंकू, दिव्य प्रकाश शुक्ला,मुकेश मिश्र, मोहित अवस्थी, प्रदुम वाजपेई, सुमित शुक्ला, अमित तिवारी, करन शुक्ला आदि लोग उपस्थित रहे

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

646621
Total Visitors
error: Content is protected !!