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एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी एसोसिएट प्रोफेसर पर लगे आरोपों की जांच लंबित

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी।

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करीब 18 वर्ष पूर्व से कोर्ट में लंबित अपहरण वाद को छिपाकर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अखिलेश वर्मा द्वारा नौकरी एवं प्रमोशन लिए जाने के आरोपो की जांच प्रबन्ध समिति एक माह से अधिक समय से कर रही जो अभी लंबित है। हालांकि न्यायालय से राहत मिलने पर कुछ शिक्षकों द्वारा आरोपी प्रोफेसर को माला पहनाकर स्वागत सम्मान किया जा रहा है। जिसे लेकर कालेज प्रशासन पर भी लोग निशानियां सवाल उठा रहे हैं।
बताते चलें कि रामनगर पीजी कालेज में बतौर हिन्दी विभागाध्यक्ष तैनात डा अखिलेश वर्मा के खिलाफ हरदोई जिले के माधोगंज थाने में वर्ष 2007 में युवक के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। जिसके वादी पीड़ित भगवानदीन निवासी ग्राम थमरवा हरदोई थे। इस मामले में प्राध्यापक ने बचाव की हरसंभव कोशिश की पर अदालत की अवमानना में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया था। कोर्ट के आदेश पर भगोड़ा घोषित प्रवक्ता को पुलिस सिरे से तलाश रही थी। इस बीच रामनगर पीजी कालेज में तैनाती पाने के बाद प्रवक्ता डां अखिलेश कुमार वर्मा ने खुद पर चल रहे आपराधिक वाद को छिपाते हुए एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति प्राप्त कर ली। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत लिखित पीड़ित राजेन्द्र कुमार ने जिला प्रशासन से लेकर शासन और उच्च शिक्षा विभाग तक कर रखी है। वहीं सवाल भी उठाया है कि आपराधिक वाद दर्ज होने के बावजूद उन्हे पदोन्नति किस आधार पर दे दी गई। आरोपों की जाँच जिलाधिकारी शशांक कुमार त्रिपाठी द्वारा गठित तीन दिवसीय टीम कर रही है। आरोपो की भनक लगते ही कालेज के प्रवक्ता डा अखिलेश छुट्टी पर चले गए थे। अब न्यायालय से राहत मिलने पर महाविद्यालय आने लगे हैं लेकिन तथ्यों को छिपाकर प्रमोशन मामले में जिलाधिकारी द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम द्वारा एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच अभी तक पूरी नही हो पाई है। इधर आरोपी प्रोफेसर के कालेज पहुँचने पर कुछ शिक्षकों द्वारा माला पहनाया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि महाविद्यालय में शिक्षकों के बीच जबरदस्त गुटबाजी चल रही है जिससे आए दिन तमाम प्रकरण सुनने को मिलते हैं।
इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने बताया टीम द्वारा जांच अभी चल रही है ।कालेज के प्राचार्य कौशलेंद्र विक्रम मिश्रा का कहना है कि एसोसिएट प्रोफेसर प्रकरण की जांच अभी चल रही है। स्वागत सम्मान कार्यक्रम के बारे में मुझे जानकारी नही है।

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