बाराबंकी महादेवा। लोधेश्वर महादेवा मे शिव अभरण सरोवर पर स्थित प्राचीन मां कालरात्रि मंदिर स्थित हैं, नवरात्रि के दिनों में लगता है भक्तों का जमावड़ा, शारदीय नवरात्रि की सप्तमी को जो कालरात्रि का दिन माना जाता है, मां कालरात्रि की विशेष पूजा के साथ जगराता किया गया ,श्रद्धालुओं द्वारा काली माता मन्दिर में माता को विशेष व्यंजनों का भोग लगाया गया। , शिव अभरण सरोवर पर स्थित मां काली जी प्राचीन मंदिर है जिसमें स्थानीय सहित दूर-दूर से लोग दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचते हैं नवरात्रों में प्रति दिन सुबह शाम विशेष पूजा के साथ माता के मंदिर में पूजा आरती होती है , साल पर्यंत तक दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दरबार में दर्शन पूजन कर अपनी मनौती मानते हैं माता रानी की ऐसी कृपा होती है कि सभी कोई मनोकामना माता रानी परी करती हैं जो भी आकर उनके दरबार में मनोकामना मांगता है। नवरात्रि की अष्टमी को मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के द्वारा माता का जगराता किया जाता है जिसमें सभी महिला पुरुष बच्चे श्रद्धालु शामिल होकर रात्रि पर्यन्त माता का गुणगान करते हुए जागरण करते हैं जागरण के पश्चात आए हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाता है, माता के दरबार में जो भी मांगा जाता है वह माता रानी पूरा करती हैं यह बहुत ही प्राचीन माता काली का मंदिर है जिसमें माता काली भगवान शंकर पर पैर पैर रखकर खड़ी हुई है बहुत ही दिव्य अलौकिक माता की छवि दिखती है, जागरण के अवसर पर जगदीश शुक्ला, पवन शर्मा ,चंद्रेश द्विवेदी, ऋषभ देव अवस्थी, वंश शुक्ला,प्रतीक अवस्थी,कृष्ण गुप्ता, निखिल द्विवेदी,अनिल अवस्थी, विवेक अवस्थी, जितेंद्र द्विवेदी,विवेक तिवारी,मोनू तिवारी ,पुष्कर शुक्ला,अनिक, राज पांडे, सहित सैकड़ो की संख्या में महिलाएं पुरुष व बच्चे रात्रि की महा आरती तक मौजूद रहे आरती के पश्चात आए हुए सभी भक्तों को माता के जगराते का प्रसाद वितरण किया गया।































