रिपोर्ट-विवेक शुक्ला


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के प्रदेश अध्यक्ष बैजनाथ रावत एवं विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश किसान मोर्चा के महामंत्री रामबाबू द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कवियत्री सरोज सरगम ने मां सरस्वती की वंदना जयतु जय माँ शारदे, दुख दूर तारूण कीजिए सुनाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। अध्यक्षता डॉ. सुरेश चंद्र मिश्रा ने की, जबकि बिसवा के आशु कवि कमलेश मौर्य “मृदु” ने अपने चुटीले संचालन से आयोजन को जीवंत बनाए रखा।
कवियों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को खूब आनंदित किया। हास्य-व्यंग्य के कवि अनिल शुक्ला, चेतराम अज्ञानी, अजय प्रधान और लखनऊ के दीपक मिश्रा ने हास्य की फुहारों से माहौल को गुदगुदा दिया। वीर रस और देशभक्ति की कविताओं से आगरा की शिखा सिंह ओजस्ती और लखनऊ के प्रख्यात मिश्रा ने जनमानस में जोश भर दिया। कवयित्रियों में लता श्रीवास्तव (बाराबंकी), पल्लवी सक्सेना (बरेली) और सरोज सरगम (पीलीभीत) ने श्रृंगार और मधुर गीतों से वातावरण को भावविभोर कर दिया। विशेष शर्मा और सर्वेश तिवारी की प्रस्तुतियों ने भी सम्मेलन को नई ऊँचाइयाँ दीं।
इस अवसर पर बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत ने मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन की सराहना की। दुर्गा महोत्सव समिति अमोली कला के संरक्षक डॉ. सुरेश चंद्र मिश्रा, संस्थापक अध्यक्ष रामकुमार मिश्र, प्रबंधक रविकांत मिश्रा, अध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा सहित समिति के पदाधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रात्रिभर गूंजते ओज, हास्य और श्रृंगार के रंगों ने यह साबित कर दिया कि अमोली कला का दुर्गा महोत्सव केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं का भी भव्य उत्सव है।































