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Naradsamvad

तहसील रामनगर के बार भवन में मनाया गया अधिवक्ता दिवस

Vivek Shukla
2 Min Read

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी।डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने न केवल आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई बल्कि वकालत के उच्च आदर्शों, नैतिकता और न्याय के प्रति समर्पण की मिसाल भी पेश की।उक्त बातें बार भवन में आयोजित अधिवक्ता दिवस के मौके पर बोलते बार अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस उनके स्मरण और प्रेरणा दोनों का प्रतीक है।अधिवक्ता समाज का वह स्तंभ है जो न्याय के लिए अंतिम समय तक खड़ा रहता है।महामंत्री सुरेश चंद्र मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता वर्ग पर सभी की निगाहें रहती हैं। अदालत में रखी जाने वाली दलीलें सिर्फ तर्क नहीं बल्कि लोगों की उम्मीदों और उनके अधिकारों की आवाज होती हैं। अधिवक्ता अन्याय के अंधकार में न्याय की ज्योति प्रज्वलित करता है।पूर्व महामंत्री प्रदुम्न बाजपेई ने कहा कि हमारे देश के इतिहास में वकीलों की भूमिका अत्यंत गौरवशाली रही है जिन्होंने अदालत की दलीलों से लेकर देश की स्वतंत्रता तक, दोनों क्षेत्रों में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।पूर्व अध्यक्ष शिव प्रकाश अवस्थी ने कहा कि अधिवक्ता दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि न्याय को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने में योगदान दें। इस अवसर पर डॉ कुलदीप शुक्ल,राज कुमार यादव, संत कुमार उपाध्याय,लव पाठक,उमेश वर्मा,नंद कुमार सिंह,राम शरण यादव,उत्तम सिंह,पवन श्रीवास्तव,चैतन्य नारायण आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

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