Skip to main content

Naradsamvad

बाराबंकी के सुप्रसिद्ध मंदिर में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने लोधेश्वर महादेव जी का रुद्राभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना के साथ टेका माथा

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
2 Min Read

 

Ad image

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति लोधेश्वर महादेव का पूजन करते हुए

एडिटर के के शुक्ल नारद संवाद न्यूज एजेंसी

बाराबंकी।देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के कुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने प्रवास के तृतीय दिवस पर बाराबंकी जनपद के समीप रामनगर तहसील स्थित प्राचीन एवं दिव्य लोधेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव का दर्शन, प्रार्थना और रुद्राभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य संपन्न इस पूजा-अर्चना के दौरान डॉ. पंड्या ने विनम्रतापूर्वक भगवान शिव के चरणों में नमन किया और समस्त समाज, राष्ट्र एवं विश्व कल्याण हेतु विशेष प्रार्थना की।

आदरणीय पंड्या जी ने इस पावन धाम में परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के आदर्शों पर निरंतर अग्रसर रहने का संकल्प पुनः दोहराया। उन्होंने कहा कि अनुभव किया गया यह आध्यात्मिक वातावरण संपूर्ण मानवता के कल्याण और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरणादायी है।

लोधेश्वर धाम की दिव्य आध्यात्मिक गरिमा, शांतिपूर्ण परिवेश और सैकड़ों वर्षों की परंपरा ने पूरे प्रवास को एक नई ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। स्थानीय प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने डॉ. पंड्या के आगमन का स्वागत करते हुए स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया।

मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि पंड्या जी का यह आगमन केवल एक आध्यात्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रेरक संदेश भी है।

लोधेश्वर महादेव के दर्शन एवं रुद्राभिषेक के बाद डॉ. पंड्या ने कहा
“लोधेश्वर धाम आकर गहन आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ। भगवान शिव का रुद्राभिषेक केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व शांति, मानवता और सकारात्मक परिवर्तन की साधना है। आज मैंने समाज में सद्भाव, राष्ट्र में उन्नति और विश्व में शांति के लिए प्रार्थना की है। गुरुदेव के आदर्श हमें निरंतर लोकमंगल के पथ पर चलने की प्रेरणा देते हैं, और ऐसे पवित्र स्थलों से हमें ऊर्जा एवं दिशा प्राप्त होती है।”

ALSO READ  भारतीय भौतिक विज्ञानी अशोक सेन ओस्कर क्लेन मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!