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लोधेश्वर चौकी के पास करंट से दो युवकों की मौत, बिजली विभाग की घातक लापरवाही उजागर!

लोहे के पोल, पानी और करंट ने निगली दो जिंदगियाँ!

 

 

नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी, बाराबंकी। पत्रकार राघवेन्द्र मिश्रा रविवार को लोधेश्वर महादेव परिसर में उस वक्त मातम पसर गया जब पुलिस चौकी से सटे इलाके में करंट की चपेट में आकर दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई।यह घटना करीब दोपहर 3 बजे की है, जब हरिजन बस्ती गोबराहा निवासी संजय (30) की फोटोग्राफी की दुकान पर उसका मित्र हौसला (32) पुत्र दशरथ, निवासी ग्राम गुलरिहा थाना मसौली मिलने आया था।
दुकान के पास ही लोहे का विद्युत पोल लगा है, जिसके नीचे बरसात का पानी भरा हुआ था।
हौसला जैसे ही दुकान की सीढ़ी (जीना) पकड़कर नीचे पानी में उतरा, उसे बिजली का तेज़ झटका लगा और वह वहीं तड़पने लगा।संजय ने जब यह देखा तो बिना एक पल गंवाए दोस्त को बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन जैसे ही उसने उसे छुने की कोशिश की, वह खुद भी करंट की चपेट में आ गया।इसी दौरान मौके पर मौजूद दुकानदारों ने शोर मचाया और तत्काल विद्युत विभाग को फोन करके बिजली कटवाने की गुहार लगाई।
बिजली कटने और एम्बुलेंस पहुंचने तक दोनों की हालत गंभीर हो चुकी थी।दोनों को सीएचसी रामनगर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत और थाना प्रभारी अनिल कुमार पाण्डेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर विधिक कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

श्रद्धालु नहीं, दुकान पर आया दोस्त था—बिजली विभाग की लापरवाही ने ली जान!

यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि हौसला कोई श्रद्धालु नहीं था, बल्कि दुकानदार संजय का मित्र था, जो दुकान पर उससे मिलने आया था।लेकिन सवाल यह है कि पुलिस चौकी के बगल में खुले करंट के साथ भरा पानी क्यों था? क्या बिजली विभाग ने क्षेत्र का कोई निरीक्षण नहीं किया था? सावन के महीने में जब लाखों की भीड़ की आशंका हो, उस वक्त ऐसी लापरवाही जानलेवा ही नहीं, आपराधिक है।

पिछली घटना से नहीं लिया सबक, फिर दोहराई चूक!

बीते सोमवार को ही औसनेश्वर महादेव मंदिर में करंट से 29 श्रद्धालु घायल हुए थे, लेकिन अफ़सोस — न मेला कमेटी जागी, न बिजली विभाग।आज हुई यह घटना पुलिस चौकी से सटे क्षेत्र में हुई, इसलिए बिजली जल्द कटवाई गई और एंबुलेंस समय से बुलाई गई।लेकिन अगर यह घटना कुछ घंटे बाद, श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच होती, तो शायद मौतों की गिनती दुगुनी-तिगुनी होती।

क्या प्रशासन को झकझोर पाएगा यह हादसा?

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की टीम जनपद में बेहतर कार्यों के लिए जानी जाती है, लेकिन अब सावन में लगातार हो रही बिजली हादसों की घटनाएं इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही हैं।क्या अब भी बिजली विभाग के अधिकारी बख्शे जाएंगे?
क्या अब हर लोहे के पोल और पानी भरे स्थान पर सुरक्षा की गारंटी होगी?कल सोमवार है, और लोधेश्वर महादेव में भारी भीड़ की संभावना है।प्रशासन के पास अब वक्त कम है और जिम्मेदारी बड़ी।भक्तगण “हर हर महादेव” का उद्घोष कर रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही मौत का पैगाम बनती जा रही है।

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