???? ‘श्रद्धा से समझौता नहीं, लापरवाही पर सख्ती’ — मंदिर खुला रहा, जलाभिषेक जारी, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
नारद संवाद समाचार हैदरगढ़: बाराबंकी जनपद के हैदरगढ़ स्थित प्राचीन औशानेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण सोमवार की पूर्व रात्रि करंट फैलने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सीएम ने IG अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार, मंडलायुक्त गौरव दयाल, और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल मौके पर रवाना कर दिया।
➡ प्रशासन की सक्रियता और त्वरित प्रतिक्रिया ने हालात को पूरी तरह नियंत्रण में रखा। मंदिर को बंद नहीं किया गया था, रात से ही जलाभिषेक की प्रक्रिया निर्बाध जारी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ में किसी प्रकार की अफरा-तफरी नहीं मची।
➡ सोमवार सुबह IG प्रवीण कुमार और आयुक्त गौरव दयाल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का गहराई से जायजा लिया। उनके साथ जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ और CO हैदरगढ़ मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत लाइन की स्थिति और मंदिर प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
पुजारी के बयान में हुआ खुलासा: मंदिर के पुजारी ने स्पष्ट किया कि एक बंदर की छलांग से विद्युत तार टूट गया, जिससे करंट मंदिर परिसर तक फैल गया और कई श्रद्धालु झुलस गए। दुर्भाग्यवश दो श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई, परंतु किसी तरह की भगदड़ नहीं हुई।
**➡ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी घटना पर रात में ही रिपोर्ट तलब कर ली थी और साफ निर्देश दिया कि किसी भी स्तर की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई हो।
???? जांच के निर्देश: मंदिर के विद्युत प्रबंधन, तारों की स्थिति और सुरक्षा उपायों को लेकर बिजली विभाग और प्रशासनिक टीम द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है।
???? श्रद्धालु कर रहे हैं शांतिपूर्ण जलाभिषेक: प्रशासन के सहयोग और भरोसे से अब श्रद्धालुओं की लंबी कतारें एक बार फिर मंदिर में देखने को मिल रही हैं। पेयजल, चिकित्सा, छाया और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं। श्रद्धा और सतर्कता दोनों का संतुलन बरकरार रखा गया है।
संदेश साफ है — आस्था में कोई रुकावट नहीं, लेकिन लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय है।