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परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की यौम-ए-वफात पर गोष्ठी आयोजित !

परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की यौम-ए-वफात पर गोष्ठी आयोजित !

रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी 

बाराबंकी:-  परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की यौम-ए-वफात के अवसर पर ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ की ओर से गुरुवार को कार्यालय सट्टी बाजार, बाराबंकी में श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वीर अब्दुल हमीद के अदम्य साहस, देशभक्ति और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए युवाओं से देशहित, सामाजिक एकता और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का आगाज़ हाफ़िज़ सुफियान साहब ने कुरान की तिलावत से किया। इसके बाद वीर अब्दुल हमीद की शहादत को याद करते हुए उनके लिए विशेष रूप से दुआ की गई। कारी मक़बूल साहब ने दुआ-ए-मगफिरत कराई और देश के अमन, चैन, तरक्की तथा समाज में भाईचारे के लिए भी दुआ की।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद देश के उन महान सपूतों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस और वीरता से भारत का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने यह साबित किया कि देश की रक्षा और राष्ट्रहित के लिए जज्बा, हौसला और समर्पण सबसे बड़ी ताकत है।

वसीम राईन ने कहा, “वीर अब्दुल हमीद का जीवन केवल एक सैनिक की बहादुरी की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर आने वाली पीढ़ियों के सामने देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। हमें उनके जीवन और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को इतिहास के महान योद्धाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को पढ़ना चाहिए तथा उनसे प्रेरणा लेकर शिक्षा, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने वीर अब्दुल हमीद की शहादत को हिंदू-मुस्लिम एकता और राष्ट्रीय एकता की मजबूत मिसाल बताते हुए कहा कि देश की रक्षा में हर समुदाय के वीर सपूतों ने अपना योगदान दिया है।

गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान असाधारण वीरता का परिचय दिया था। उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनके साहस की गाथा आज भी भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने वीर अब्दुल हमीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि देश के वीर शहीदों को याद करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और बलिदान से सीख लेकर समाज और राष्ट्र को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी है।

इस अवसर पर ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता जैसे रिजवान राईन मीडिया प्रभारी, तैयब अली, मुन्ना राठौर, महमूद चौधरी, जावेद राईन, मो. शफ़ीक़, वाजिद शाह, रियाज़ राईन, मो. रिजवान, पप्पू राईन, हारून अली, मोहम्मद अहमद, कलीम अहमद, सलमान राईन, अरमान राईन, आलम अली, शान मोहम्मद, सद्दाम इद्रिशी, मुन्ना कुरैशी, मोहम्मद शोएब और समाज के लोग मौजूद रहे। अंत में वीर अब्दुल हमीद सहित देश के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

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