संविधानिक अधिकारों, शिक्षा और संगठन के जरिए समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान !
रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी :- ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने सट्टी बाज़ार स्थित कार्यालय पर आयोजित एक बैठक में पसमांदा समाज की सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे। यह बैठक नगर अध्यक्ष निसार राईन की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और युवाओं ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए वसीम राईन ने कहा कि आज़ादी के बाद भी पसमांदा मुसलमानों को अपेक्षित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक मुस्लिम समाज का नेतृत्व सीमित वर्गों और परिवारों तक केंद्रित रहा, जिससे बहुसंख्यक पसमांदा समाज की आवाज़ राष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच सकी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नेतृत्व किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिलना आवश्यक है। उन्होंने पसमांदा समाज से शिक्षा, संगठन और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
वसीम राईन ने लोगों से भावनात्मक नारों के बजाय शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों के लिए संगठित प्रयास करने की बात कही।
बैठक में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी पसमांदा समाज की उन्नति के लिए शिक्षा, कौशल विकास, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक एकता को आवश्यक बताया। सभी ने आपसी मतभेदों को भुलाकर समाजहित में कार्य करने की अपील की।
अपने संबोधन में वसीम राईन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय के प्रति वैमनस्य फैलाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से पसमांदा समाज के अधिकारों और सम्मान की आवाज़ उठाना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर भारतीय संविधान की मूल भावना है, जिसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
बैठक के अंत में पसमांदा समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार, युवाओं को नेतृत्व में आगे लाने और लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने के लिए जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया।
इस अवसर पर निसार राईन, मोमिन राईन, कमरुद्दीन राईन, जावेद राईन, शफीक राईन, मुन्ना राईन, नोमान, असफाक राईन, रिजवान राईन, महमूद चौधरी, मोहम्मद जान, अहमद इद्रिशी, शकील अहमद, सद्दाम इद्रिशी, मुशीर राईन, अतीक आलम, शब्बीर अहमद, सलमान राईन, अब्दुल्ला राईन, गुफरान राईन, अनीस राईन, तय्यब राईन, रफीक अंसारी, गुलजार कुरैशी, रऊफ राईन और आमिर अली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक में सभी ने समाज में भाईचारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा समान अवसर और न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर बल दिया।