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आस्था के महासागर में डूबा लोधेश्वर धाम,हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा पूरा क्षेत्र

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा लाखों शिवभक्तों का सैलाब पूरी रात डटे रहे डीएम एसपी सुचारु रही व्यवस्था।

रामनगर बाराबंकी। सावन मास के प्रथम सोमवार पर उत्तर भारत के प्रसिद्ध प्राचीन लोधेश्वर महादेवा धाम में आस्था का ऐसा महासंगम उमड़ा कि पूरा महादेवा क्षेत्र शिवमय हो गया। आधी रात को मंदिर के कपाट खुलते ही हर हर महादेव और बम बम भोले के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। लाखों श्रद्धालुओं ने स्वयंभू भगवान लोधेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख समृद्धि आरोग्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।रविवार शाम से ही श्रद्धालुओं का महादेवा धाम पहुंचना शुरू हो गया था। रात गहराने के साथ मंदिर परिसर, संपर्क मार्ग और मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गया। हाथों में गंगाजल बेलपत्र पुष्प भांग धतूरा और अक्षत लिए शिवभक्त घंटों तक कतार में अपनी बारी का इंतजार करते रहे। अर्द्धरात्रि में कपाट खुलते ही जलाभिषेक का क्रम प्रारंभ हुआ, जो सोमवार देर रात तक निर्बाध चलता रहा।गर्भगृह तक पहुंचने के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग के भीतर श्रद्धालु अनुशासित ढंग से आगे बढ़ते रहे। भगवान शिव के दर्शन होते ही भक्त भाव-विभोर होकर नतमस्तक हो गए। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं तो अनेक भक्त शिवभक्ति में झूमते और भजन-कीर्तन करते नजर आए। पूरा मेला परिसर घंटियों की ध्वनि, शंखनाद और शिव मंत्रों के उच्चारण से गुंजायमान रहा।श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे मेला क्षेत्र को चार जोन और नौ सेक्टर में विभाजित किया गया था। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एसडीएम और क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई थी। मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल, पीएसी तथा महिला पुलिसकर्मी तैनात रहीं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी की जाती रही। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय रविवार रात लगभग 10:30 बजे ही महादेवा पहुंच गए और सोमवार सुबह तक लगातार व्यवस्था की निगरानी करते रहे। दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर, गर्भगृह कंट्रोल रूम चिकित्सा शिविर पार्किंग स्थल पेयजल व्यवस्था प्रकाश व्यवस्था रूट डायवर्जन और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा संदिग्ध वस्तुओं की लगातार जांच के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने श्रद्धालुओं से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। वहीं दुकानदारों और मेला कर्मियों को भी व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी रात मौजूदगी से दर्शन व्यवस्था व्यवस्थित बनी रही और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की बड़ी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।मेले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस की व्यवस्था रही वही खोया पाया केंद्र पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं भी सक्रिय रहीं। स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी श्रद्धालुओं को पेयजल और प्रसाद वितरित कर सेवा कार्य किए। इस दौरान डीएम ईशान प्रताप सिंह, एसपी अर्पित विजयवर्गीय, एएसपी विकास चन्द्र त्रिपाठी, एसडीएम आकांक्षा गुप्ता सीओ गरिमा पंत तहसीलदार वीपुल कुमार सिंह, सहित पुलिस बल के साथ पूरी रात मेला की व्यस्थाओं का जायजा लेते रहे।


बॉक्स : महिमा अपार, हजारों वर्षों से आस्था का केंद्र है लोधेश्वर महादेव

बाराबंकी के रामनगर स्थित प्राचीन लोधेश्वर महादेवा धाम उत्तर भारत के प्रमुख शिव तीर्थों में शामिल है। धार्मिक मान्यता है कि यहां भगवान शिव स्वयंभू रूप में विराजमान हैं। पुराणों के अनुसार, द्वापर युग में पांडवों के वनवास काल के दौरान इस शिवलिंग का महत्व और अधिक बढ़ा। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। सावन मास, महाशिवरात्रि और सोमवती अमावस्या पर यहां देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महादेवा कॉरिडोर के निर्माण के बाद इस प्राचीन तीर्थ का धार्मिक और पर्यटन महत्व लगातार बढ़ रहा है।

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