रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी :- बाराबंकी में स्थित पौराणिक और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को लेकर जनभावनाएं उबाल पर हैं। अखिल भारतीय राष्ट्रीय सत्यनाम संगठन ने महंत अखिलेश दास के नेतृत्व में जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कोटवाधाम और पारिजात धाम की लगातार हो रही उपेक्षा पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन का कहना है कि जहां लोधेश्वर महादेवा धाम के विकास कार्यों का स्वागत किया जा रहा है, वहीं जनपद की अन्य महत्वपूर्ण आस्था स्थलों की अनदेखी से श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। संगठन ने मांग की है कि मुख्यमंत्री अपने संबोधन में इन दोनों धामों का सम्मानपूर्वक उल्लेख करें और इनके विकास के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की घोषणा करें, अन्यथा आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
महादेवा कार्यक्रम से पहले प्रदर्शन का अल्टीमेटम, प्रशासन पर बढ़ा दबाव संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री के आगामी कार्यक्रम में कोटवाधाम और पारिजात धाम को उचित महत्व नहीं दिया गया, तो महादेवा कार्यक्रम स्थल के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण लेकिन उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। महंत अखिलेश दास ने इसे जनमानस की आस्था का मुद्दा बताते हुए कहा कि अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी लेने की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप कर जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील की है।
























