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महादेवा कॉरिडोर में फर्जी बैनामे का आरोप, आरसीसी रोड की जमीन बेचकर 3 लाख की ठगी !

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Naradsamvad - Narad news Agency
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राजस्व परिषद से उच्चस्तरीय जांच की मांग, अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल !

रिपोर्ट:- अंजनी शुक्ला 

बाराबंकी :- रामनगर तहसील क्षेत्र के महादेवा कॉरिडोर परियोजना में सरकारी जमीन को निजी बताकर फर्जी बैनामे के जरिए करीब 3 लाख रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

महादेवा निवासी एवं संस्कृत पाठशाला के पूर्व प्राचार्य शिवप्रसाद मिश्र ने राजस्व परिषद, कैसरबाग लखनऊ को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि परियोजना क्षेत्र में स्थित आरसीसी रोड और मंदिर मार्ग की भूमि को फर्जी तरीके से बेचा गया।

शिकायत के अनुसार, ग्राम महादेवा की गाटा संख्या 95, खाता संख्या 270, रकबा 0.0082 हेक्टेयर भूमि का सतीश कुमार यादव, अरविंद कुमार और शीतला कुमार द्वारा कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बैनामा कराया गया। आरोप है कि रजिस्ट्रार कार्यालय रामनगर के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से यह फर्जी बैनामा किया गया और लगभग 3 लाख रुपये की राशि हड़प ली गई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई गई है कि जिस जमीन का बैनामा किया गया, वह मौके पर मौजूद ही नहीं है। शिकायतकर्ता के मुताबिक उस स्थान पर पहले से ही आरसीसी सड़क और मंदिर मार्ग बना हुआ है।

मामले में लेखपाल संतोष वर्मा द्वारा किए गए भूमि सत्यापन पर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही आरोप है कि मुख्य आरोपी सतीश यादव पूर्व में मादक पदार्थ तस्करी के मामले में भी चर्चा में रह चुका है और इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।

शिवप्रसाद मिश्र ने जनहित और राजस्व हानि का हवाला देते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने और पीड़ित से ली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।

इस प्रकरण की प्रतिलिपि जिलाधिकारी बाराबंकी, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, उपजिलाधिकारी रामनगर, तहसीलदार और थाना प्रभारी को भी भेजी गई है।

फिलहाल इस मामले में आरोपी पक्ष से संपर्क नहीं हो सका है। राजस्व परिषद की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, वहीं महादेवा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में इस तरह के आरोपों से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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