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घाघरा में मगरमच्छ ने 12 वर्षीय बालक को बनाया निवाला, चाचा और ग्रामीण देखते रह गए

रिपोर्ट/नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी

धान की रोपाई के बाद हाथ-पैर धोने गया था बालक, पांच घंटे बाद 300 मीटर दूर मिला क्षत-विक्षत शव

बहराइच। जिले के बौंडी थाना क्षेत्र में घाघरा नदी किनारे गुरुवार शाम दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। धान की रोपाई के बाद नदी में हाथ-पैर धोने गए 12 वर्षीय बालक पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। चाचा और ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर फेंककर व शोर मचाकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ बालक को गहरे पानी में खींच ले गया। करीब पांच घंटे की तलाश के बाद रात में घटनास्थल से लगभग 300 मीटर दूर बालक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।मुरौवा गांव निवासी सुनील (12) गुरुवार दोपहर अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ धान की रोपाई करने खेत गया था। देर शाम दोनों खेत से लौटते समय घाघरा नदी में हाथ-पैर धो रहे थे। इसी दौरान नदी से निकले मगरमच्छ ने अचानक सुनील पर हमला कर उसे जबड़ों में दबोच लिया। बालक ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, जबकि चाचा ने शोर मचाकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया।ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ईंट-पत्थर फेंककर मगरमच्छ को भगाने का प्रयास किया, लेकिन वह बालक को कई बार पानी में पटकते हुए गहरे पानी में ले गया। घटना के बाद नदी किनारे अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन मौके पर जुट गए।ग्रामीणों ने बांस के डंडों के सहारे नदी में तलाश शुरू की। तेज बहाव के बावजूद देर रात तक खोजबीन जारी रही। अंधेरा होने पर टॉर्च की रोशनी में भी तलाश अभियान चलता रहा। करीब पांच घंटे बाद रात लगभग 10 बजे घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर नदी में बालक का शव उतराता मिला। मगरमच्छ के हमले से शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था।सुनील के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। पिता बुधराज की पांच वर्ष पूर्व और मां की सात वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का सुनील अपने चाचा के साथ रहकर खेती-बाड़ी में हाथ बंटाता था। उसकी बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं।शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी टी.एन. मौर्य ने घटना की पुष्टि की। वन रेंजर साकिब अंसारी ने बताया कि मगरमच्छ के हमले में बालक के शरीर का दाहिना पैर और कमर के नीचे का हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था।

बॉक्स : नदी किनारे बरतें सावधानी घाघरा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बरसात के मौसम में मगरमच्छों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। वन विभाग ने लोगों से नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाने और विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

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