रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
अघोषित कटौती से उपभोक्ता परेशान, सीयूजी नंबर न उठने पर लोगों में नाराजगी।
रामनगर बाराबंकी। रामनगर विद्युत उपखंड की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मंगलवार रात भर बिजली की आंख-मिचौली के बाद बुधवार सुबह करीब नौ बजे से दोपहर एक बजे तक कस्बे के बड़े हिस्से की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। करीब चार घंटे बाद जैसे ही आपूर्ति बहाल हुई, रामनगर-बदोसराय मार्ग पर एक विद्युत पोल में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के दौरान पोल के नीचे से स्कूली बच्चे, राहगीर और वाहन लगातार गुजर रहे थे। समय रहते बिजली आपूर्ति बंद न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।घटना के बाद लोगों ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता और एसडीओ रामनगर के सीयूजी नंबरों पर लगातार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। कुछ देर बाद दोनों अधिकारियों के मोबाइल फोन भी नॉट रीचेबल बताते रहे। बाद में एक विद्युत कर्मचारी से संपर्क होने पर आपूर्ति बंद कराई जा सकी। इसके बाद लगभग 5 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर उपखंड में अघोषित बिजली कटौती अब रोजमर्रा की समस्या बन गई है। कस्बे के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता भी घंटों बिजली गुल रहने से परेशान हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।उधर, सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल लोधेश्वर महादेवा में सावन मेले की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के सरकारी दावे भी धरातल पर पूरे होते नहीं दिख रहे। उमस भरी गर्मी में लगातार बिजली की आवाजाही और लंबे समय तक कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार तथा अधिकारियों द्वारा सीयूजी नंबर पर शिकायतों का समय पर जवाब देने की मांग की है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में भी अधिकारियों से संपर्क न हो पाना गंभीर चिंता का विषय है।























