रिपोर्ट/नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी
निरीक्षण के बाद कार्रवाई का आश्वासन, खराब मार्ग से राशन आपूर्ति व आवागमन प्रभावित
रामनगर बाराबंकी।घाघरा नदी के तटबंध पर गणेशपुर, फिरोजपुर और लकड़ी मंडी डीपो तक बना खड़ंजा मार्ग पिछले करीब दस वर्षों से जर्जर पड़ा है। बाढ़ का मौसम शुरू होते ही ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि बाढ़ के दौरान यही मार्ग सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने का प्रमुख साधन होता है, लेकिन इसकी बदहाल स्थिति के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।ग्रामीणों के अनुसार मार्ग पर जगह-जगह खड़ंजे की ईंटें उखड़ चुकी हैं और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे प्रतिदिन राहगीर, साइकिल और बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसी रास्ते से गणेशपुर स्थित अन्नपूर्णा भवन तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न भी पहुंचाया जाता है।कोटेदार दीनू ने बताया कि खराब सड़क के कारण राशन से लदे वाहन गोदाम तक बड़ी मुश्किल से पहुंच पाते हैं। कई बार वाहन पलटने की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।ग्रामीण रामरूप, पिंटू, राकेश, दिनेश, रमेश, बबलू, राजू, रामहरख, नारायण, कन्हैयालाल और सोमनाथ ने बताया कि मार्ग की मरम्मत के लिए कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रवीण कुमार अवस्थी ने भी मुख्य विकास अधिकारी और बाढ़ खंड के अधिकारियों को पत्र भेजकर मार्ग की बदहाल स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बाढ़ से पहले सड़क दुरुस्त नहीं हुई तो आवागमन और राहत कार्य दोनों प्रभावित होंगे।ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग पर डायट परिसर, नॉर्मल स्कूल और बैंक ऑफ इंडिया भी स्थित हैं। प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं, शिक्षक, कर्मचारी और ग्रामीण इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके बावजूद वर्षों से न तो मार्ग का चौड़ीकरण कराया गया और न ही इसकी मरम्मत हुई। इस सम्बन्ध मे बाढ़ खंड के अधिकारी शशिकांत सिंह ने बताया कि मार्ग का निरीक्षण कराया जा रहा है। जांच में सड़क जर्जर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शीघ्र मरम्मत कराई जाएगी।























