रामनगर बाराबंकी। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर सरयू नदी पर बना हुआ है। गुरुवार को नदी का जलस्तर पूरे दिन चेतावनी बिंदु से ऊपर रहा। हालांकि दोपहर बाद जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की गई, लेकिन तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता अभी कम नहीं हुई है। वहीं कई स्थानों पर तेज हो रहे कटान को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। सिंचाई विभाग के अनुसार गुरुवार शाम चार बजे सरयू नदी का जलस्तर 105.290 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 105.070 मीटर से 22 सेंटीमीटर ऊपर रहा। दोपहर करीब 12 बजे जलस्तर चेतावनी बिंदु से लगभग 29 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से गिरावट दर्ज की गई। राहत की बात यह रही कि शाम तक गिरावट का क्रम जारी रहा, लेकिन नदी अब भी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते सरयू की तलहटी में बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। फिलहाल नदी का पानी तट के भीतर बह रहा है और किसी आबादी वाले क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में दोबारा तेज बारिश होती है तो जलस्तर फिर बढ़ सकता है। उधर, संजय सेतु के नीचे तपेसिपाह क्षेत्र के पास सरयू नदी का कटान लगातार जारी है। तेज बहाव से नदी किनारों का क्षरण हो रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीणों में चिंता है। वहीं कोरिनपुरवा के निकट बाढ़ से बचाव के लिए कराए गए सुरक्षा कार्य भी बढ़ते जलस्तर की जद में आने लगे हैं। जलस्तर में दोबारा वृद्धि होने पर इन कार्यों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। लेखपाल, ग्राम सचिव और राजस्व कर्मी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं। ग्रामीणों से सतर्क रहने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई है। बाढ़ राहत से जुड़े सभी विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।प्रशासन का कहना है कि सरयू नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे।