रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
प्राचार्य को गुमराह करने की कथित राजनीति पर उठे सवाल
रामनगर (बाराबंकी)। पी.जी. कॉलेज रामनगर में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. आज़ाद प्रताप सिंह द्वारा अपने प्रमोशन के अवसर पर आयोजित शिक्षक एवं कर्मचारी सम्मान समारोह ने शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक संदेश दिया है। कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ-साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया, जिससे कॉलेज परिसर में समरसता और आपसी सम्मान का भाव देखने को मिला। क्षेत्र के अभिभावकों और शिक्षाजगत से जुड़े लोगों ने इस पहल की सराहना की है।
बताया गया कि कार्यक्रम में 18 में से 14 शिक्षक उपस्थित रहे, जबकि चार शिक्षक अवकाश पर होने के कारण शामिल नहीं हो सके। सम्मान समारोह के साथ आयोजित समरसता भोज को लंबे समय बाद कर्मचारियों को मिला सम्मान बताया जा रहा है। खास बात यह रही कि यह आयोजन डॉ. सिंह ने अपने निजी संसाधनों से किया, न कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से।
इस सकारात्मक पहल के बावजूद कॉलेज के भीतर कथित गुटबाजी और राजनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों का आरोप है कि कुछ तत्व प्राचार्य को गुमराह कर कॉलेज में राजनीतिक माहौल बना रहे हैं, जिससे संस्थान की छवि प्रभावित हो रही है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि पूर्व में ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनसे विवाद और तनाव बढ़ा।सूत्रों के अनुसार, कुछ नियुक्तियों को लेकर भी पूर्व में सवाल उठ चुके हैं। शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो कॉलेज की गरिमा को नुकसान पहुंच सकता है। उनका मानना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निर्णय लेकर ही शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया जा सकता है।
अभिभावकों और शिक्षाजगत से जुड़े लोगों ने कॉलेज प्रशासन से आत्ममंथन करने और संस्थान की छवि बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।































