रिपोर्ट/सन्दीप शुक्ला

महादेवा बाराबंकी।फाल्गुन माह में लगने वाले फाल्गुनी कांवड़िया मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। विकासखंड सूरतगंज से भेजी गई सफाई कर्मियों की टीम ने लोधौरा स्थित सुप्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा के मेला परिसर में साफ-सफाई अभियान शुरू कर दिया है। वहीं मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर खुदी पड़ी सड़क श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।जिलाधिकारी के निर्देशानुसार करीब 50 सदस्यीय सफाई कर्मियों की टीम मेला परिसर में तैनात की गई है। साफ-सफाई के साथ ही शिव अभरण सरोवर में पानी भरवाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। सफाई व्यवस्था की निगरानी पंचायत सचिव अभिनव सिंह स्वयं मेला परिसर में मौजूद रहकर कर रहे हैं। उधर मंदिर प्रशासन द्वारा भी मंदिर परिसर की साफ-सफाई कराई जा रही है।संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम रामनगर गुंजिता अग्रवाल, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी तथा ग्राम प्रधान लोधौरा अजय कुमार तिवारी उर्फ राजन ने मेला परिसर का निरीक्षण कर साफ-सफाई समेत अन्य सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी द्वारा भी मेला शुरू होने से पहले प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मंदिर एवं मेला परिसर की तैयारियों का निरीक्षण प्रस्तावित है।हालांकि विश्व कल्याण द्वार से मंदिर मार्ग होते हुए मेला के पश्चिमी प्रवेश द्वार तक लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए सड़क चौड़ीकरण के बाद रोड़े डालकर छोड़ दिए जाने से श्रद्धालुओं के चोटिल होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मेले से पहले सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो सैकड़ों किलोमीटर दूर कानपुर के बिठूर से नंगे पांव कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।उल्लेखनीय है कि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में गंगा स्नान के बाद सैकड़ों बसों से हजारों श्रद्धालु गंगाजल लेकर लोधेश्वर महादेवा पहुंचते हैं और जलाभिषेक करते हैं। इसे देखते हुए मेला परिसर में दुकानदार भी अपनी दुकानों को सजाने-संवारने में जुट गए हैं। मंदिर प्रांगण से लेकर मेला क्षेत्र तक श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ती जा रही है और फाल्गुनी मेले का माहौल धीरे-धीरे रंग लेने लगा है।































