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बाराबंकी के रामनगर पी जी कॉलेज में समाज कल्याण राज्य मंत्री की सख्ती, दो अधिकारी निलंबित, एफआईआर व रिकवरी के आदेश

 

एडिटर के के शुक्ल/चंद्रोदय अवस्थी नारद संवाद

रामनगर (बाराबंकी)।रामनगर पीजी कॉलेज परिसर स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास में मेंटेनेंस के नाम पर पाँच लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। इस घोटाले का खुलासा उस समय हुआ जब समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण सोमवार को कॉलेज में आयोजित एक बौद्धिक परिचर्चा कार्यक्रम में शामिल 

छात्रावास में करते गए कार्य की जांच करते हुए मंत्री असीम अरुण

 होने पहुंचे और मौके पर ही छात्रावास का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान छात्रावास में साफ-सफाई की गंभीर अनियमितताएं, गंदगी और रखरखाव में लापरवाही देख मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। जब छात्रावास अधीक्षक संतोष कुमार ने ‘सॉरी’ कहकर सफाई दी, तो मंत्री और भड़क उठे और डांटते हुए बोले, “शर्म आनी चाहिए आपको!”

मंत्री को जानकारी दी गई कि हाल ही में छात्रावास की मरम्मत पर पाँच लाख रुपये खर्च किए गए हैं। संदेह होने पर उन्होंने मरम्मत कार्यों से संबंधित अभिलेख तत्काल तलब किए। दस्तावेजों में यह बताया गया था कि मरम्मत के दौरान 250 स्विच, 71 बोर्ड, 24 एमसीबी, 50 बल्ब होल्डर और 30 ट्यूबलाइट लगाए गए हैं।

मंत्री असीम अरुण ने खुद मौके पर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सत्यापन किया। जांच में यह सामने आया कि छात्रावास में कोई भी नया बोर्ड नहीं लगाया गया था और 250 स्विच के स्थान पर केवल 39 स्विच ही मौजूद पाए गए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि पुराने उपकरणों को नया दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।इस गंभीर अनियमितता में जिला समाज कल्याण अधिकारी सुषमा वर्मा और छात्रावास अधीक्षक संतोष कुमार की संलिप्तता पाई गई। मंत्री ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और समाज कल्याण निदेशालय से अटैच करने का आदेश दिया।इसके साथ ही अयोध्या के डिप्टी डायरेक्टर को मामले की विस्तृत जांच सौंपते हुए दोषियों से सरकारी धन की रिकवरी और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री की इस कड़ी कार्रवाई से जिले भर में हड़कंप मच गया है और यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

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