रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर, बाराबंकी।ग्राम किन्हौली स्थित सहाय कॉन्वेंट विद्यालय के तत्वावधान में शनिवार की शाम विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन शेष कुमार मिश्रा ने किया, जबकि संयोजन की जिम्मेदारी विशाल मिश्रा ने संभाली। वरिष्ठ कवि जगन्नाथ निर्दोष ने कवि सम्मेलन की अध्यक्षता की तथा रायबरेली से पधारे कवि नीरज पांडेय ने कुशल संचालन किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गौरीकांत दीक्षित एवं विशिष्ट अतिथि जिला कार्यवाह सुधीर तिवारी रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा कवियों को सम्मानित किया गया तथा सैकड़ों जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए।कवि सम्मेलन की शुरुआत गोंडा से पधारी कवयित्री नीता सिंह नवल की सरस्वती वंदना “मां मेरे सिर तुम्हारा वरद हस्त हो…” से हुई। इसके पश्चात कवि गौरव गौरवान्वित ने “राम की धरा पे खड़े राम का प्रमाण मांगे…” सुनाकर वातावरण को ओजपूर्ण बना दिया। बाराबंकी की कवयित्री ईशा मिश्रा ने “जताया जो दर्द तो कायर कहलायेंगे…” सुनाकर श्रोताओं से खूब तालियां बटोरीं।कवि रजत कुमार मिश्रा की रचना “राम का नाम जिनके अधर पर नहीं…” ने वातावरण को राममय कर दिया, वहीं कवि मनोज मिश्रा की पंक्तियां “पहिले बुला के बाद में दुतकारिये नहीं…” पर श्रोता झूम उठे। वरिष्ठ कवि हरिहरदत्त पांडेय, कवयित्री कल्पना तिवारी दिव्या, वरिष्ठ कवि राम किशोर तिवारी एवं कवि सीताकांत स्वयंभू ने भी अपनी प्रभावशाली रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।कार्यक्रम में युवा कवि शिवेस राजा, हर्ष प्रधान सहित अन्य कवियों ने हास्य एवं ओजपूर्ण कविताओं से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। इस अवसर पर भाजपा नेता सिद्धार्थ अवस्थी, अलका मिश्रा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन देर रात तक चलता रहा। इस मौके पर देवी मिश्रा, कुलदीप, हरिओम, हर्षित मिश्रा, केशरी, बाबादीन विश्वकर्मा, डॉ. अज़ीज़ अहमद, श्रवण पांडेय, रंजन, बबलू तिवारी, देशराज, अधिवक्ता राजीव गौतम, धर्मेंद्र शुक्ला सहित भारी संख्या में श्रोताओं ने साहित्यिक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया।































