रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शुरू हुई कार्रवाई, न्यायालय के फैसले के बाद मिलेगा मुआवजा

रामनगर, बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर निर्माण कार्य को गति देने के लिए प्रशासन ने सोमवार से अधिग्रहित शेष विवादित मकानों और दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू करा दी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से मकानों को गिराया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में पूरे दिन हलचल का माहौल बना रहा।लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर परियोजना के तहत कुल 128 मकान और दुकानों का अधिग्रहण किया गया था। प्रशासन पहले चरण में 97 भवनों को ध्वस्त करा चुका था, जबकि 31 मकान और दुकानें विवादित होने के कारण बची रह गई थीं। इन भवनों को हटाने के लिए प्रशासन की ओर से शनिवार को डुग्गी मुनादी कराकर भवन स्वामियों को मकान खाली करने की चेतावनी दी गई थी।सोमवार सुबह उप जिलाधिकारी आनंद तिवारी, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह और कोतवाल अरुण प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कराया गया। कार्रवाई के दौरान भवन स्वामी अपने-अपने मकानों और दुकानों से सामान निकालते नजर आए। देर शाम तक करीब चार मकानों को ध्वस्त कर दिया गया था।प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिन भवनों को लेकर विवाद न्यायालय में विचाराधीन है, उनमें फैसला आने के बाद संबंधित भवन स्वामियों के खातों में मुआवजे की धनराशि भेजी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कॉरिडोर निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा कराने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।उधर, कार्यदाई संस्था की ओर से पर्यटन विभाग की देखरेख में मंदिर जाने वाले मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में कॉरिडोर परियोजना को लेकर चर्चा बनी रही।इस दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारी, ग्राम प्रधान राजन तिवारी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।































