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सरफराज वारसी | बाराबंकीकुछ ही क्षण पहले
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संजय सेतु पुल में दरारें दिखाई दे रही हैं।
नेपाल से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी और निरंतर बारिश से सरयू नदी (घाघरा) का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाराबंकी जिले के ऐतिहासिक संजय सेतु पुल में दरारें दिखाई दे रही हैं। हाल ही में पुल की एक तरफ मरम्मत की गई। फिर भी दरारें स्पष्ट नजर आ रही हैं।
1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के कार्यकाल में निर्मित यह सेतु महत्वपूर्ण है। यह बाराबंकी को गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और नेपाल से जोड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार मरम्मत के बावजूद पुल की स्थिति खराब होती जा रही है। अधिक यातायात और तेज जलधारा ने पुल की स्थिति को और बिगाड़ दिया है।

संजय सेतु पुल में दरारें दिखाई दे रही हैं।
स्थानीय लोगों में चिंता सोमवार को ब्रिज जलस्तर केंद्र पर पानी खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया। घाघरा की धारा में लगातार वृद्धि हो रही है। स्थानीय निवासी चिंतित हैं। उनका कहना है कि पुल में दरारों के कारण हर मानसून में भय का माहौल रहता है। कई बार भारी वाहनों की आवाजाही रोककर मरम्मत की जाती है। लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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