रामनगर बाराबंकी।तहसील रामनगर में अधिवक्ता परिषद अवध जिला इकाई बाराबंकी द्वारा संविधान दिवस पर एक गरिमामयी गोष्ठी का आयोजन
किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करके हुई। वक्ताओं ने बाबा साहब के राष्ट्र निर्माण और संविधान निर्माण में किए गए अतुलनीय योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया।
मुख्य अतिथि अपर महाधिवक्ता उत्तर प्रदेश श्री कुलदीप पति त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “भारतीय संविधान विश्व का सर्वाधिक प्रगतिशील और संतुलित दस्तावेज है, जिसने देश को मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा प्रदान किया है। न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।”
अधिवक्ता परिषद अवध के पूर्व संयोजक अमरनाथ मिश्र ने कहा कि “संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया है। हमें संविधान की मूल भावना को अपने आचरण में उतारने का संकल्प लेना चाहिए।”
प्रांतीय उपाध्यक्ष अधिवक्ता परिषद श्री अनिल पांडे ने कहा कि संविधान केवल अधिकारों का नहीं, बल्कि कर्तव्यों का भी दर्पण है। परिषद अध्यक्ष कौशल किशोर त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ता समाज और न्यायपालिका के बीच सेतु के रूप में कार्य करते हैं, इसलिए उन्हें संविधान के मूल्यों को आमजन तक पहुँचाने में अग्रणी होना चाहिए।
इस अवसर पर भाजपा नेता सिद्धार्थ अवस्थी ने कहा कि “बाबा साहब का संविधान भारत को समावेशी, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील राष्ट्र बनाने का सबसे सशक्त साधन है। हमें प्रयास करना चाहिए कि इसके आदर्श समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें।”
इसके अलावा भाजपा विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री प्रमोद पांडे, उपजिलाधिकारी रामनगर सुश्री गुंजिता अग्रवाल (IAS), परिषद व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता पवन कुमार मिश्रा ने सफलतापूर्वक किया। इस दौरान तहसील बार रामनगर के अध्यक्ष अनिल दीक्षित, महामंत्री सुरेश चंद्र मिश्रा, अधिवक्ता मुकेश शुक्ला, दिव्य प्रकाश शुक्ला, सुरेश शास्त्री, शिव प्रकाश अवस्थी सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
संविधान दिवस पर आयोजित यह गोष्ठी शिक्षाप्रद, प्रेरणादायक और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देने वाली रही, जिसमें सभी ने संविधान की रक्षा और उसके आदर्शों के पालन का संकल्प लिया































