बाराबंकी।पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल द्वारा यात्री सुविधाओं के विस्तार और परिचालनिक सुगमता को बढ़ाने हेतु गोंडा–बुढ़वल रेलखंड पर 25,000 वोल्ट ए.सी. क्षमता वाली तीसरी नई विद्युतकर्षण लाइन के निर्माण कार्य का महत्वपूर्ण चरण शुक्रवार को पूरा हुआ। घाघरा घाट–चौकाघाट–बुढ़वल के मध्य 11 किलोमीटर लंबे इस खंड का संरक्षा निरीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वोत्तर परिमंडल प्रणजीव सक्सेना ने किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ प्रमुख मुख्य इंजीनियर अधिकारी नीलमणि, मुख्य विद्युत इंजीनियर/निर्माण ओ.पी. सिंह, मुख्य इंजीनियर/टीएमसी संजय यादव, मुख्य इंजीनियर (निर्माण) संजीव कुमार सिन्हा तथा लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल सहित मंडल और निर्माण संगठन के अधिकारी उपस्थित रहे।घाघरा घाट स्टेशन पर संरक्षा आयुक्त ने तीसरी लाइन से जुड़े सेफ्टी अभिलेख, यार्ड प्लान, प्लेटफॉर्म क्लियरेंस, पॉइंट-क्रासिंग, सिग्नलिंग, बैटरी व रिले रूम, पैनल इंटरलॉकिंग आदि का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशन मास्टर से संरक्षा प्रश्न पूछकर सुरक्षा मानकों की स्थिति जाँची गई।
इसके बाद मोटर ट्रॉली द्वारा घाघरा घाट से बुढ़वल जंक्शन के बीच नई लाइन का निरीक्षण किया गया। मार्ग में प्वाइंट, क्रासिंग और कर्व की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया। चौकाघाट स्टेशन पर यार्ड, पैनल रूम, रिले रूम, बैटरी रूम तथा स्टेशन वर्किंग रूल्स के अद्यतन का भी विस्तृत अवलोकन हुआ।
चौकाघाट–बुढ़वल खंड में समपार संख्या 300 स्पेशल और 303 स्पेशल का निरीक्षण किया गया, जहाँ ड्यूटी पर तैनात गेटमैन की सुरक्षा कार्य-कुशलता भी परखी गई। निरीक्षण का अंतिम चरण बुढ़वल जंक्शन पर सम्पन्न हुआ, जहाँ स्टेशन यार्ड और तकनीकी कक्षों का मूल्यांकन किया गया।
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