नई दिल्ली। आयुष छात्रों ने राष्ट्रीय एक्जिट टेस्ट (NEXT Exam) को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। बुधवार को जंतर-मंतर पर आयुष बैच 2021-23 के हजारों छात्र-छात्राओं ने एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। यह आंदोलन विनम्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। छात्रों की मुख्य मांग है कि NEXT परीक्षा को आयुष छात्रों के लिए भी वर्ष 2024 बैच से ही लागू किया जाए, न कि 2021 से।
क्या है विवाद?
छात्रों का कहना है कि जिस प्रकार एलोपैथ और आयुष के विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए समान रूप से NEET परीक्षा देनी पड़ती है, उसी प्रकार एक्जिट परीक्षा (NEXT) को भी दोनों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
सरकार द्वारा एलोपैथ और फार्मेसी छात्रों के लिए NEXT 2024 बैच से लागू किया गया है, जबकि आयुष छात्रों पर इसे 2021 बैच से ही लागू किया जा रहा है। छात्रों का सवाल है कि जब प्रवेश परीक्षा समान है तो निकास परीक्षा (Exit Test) को लागू करने में भेदभाव क्यों?

छात्रों का आक्रोश
धरना स्थल पर छात्रों ने “आयुष मंत्रालय होश में आओ”, “आयुष मंत्री हाय-हाय” और “सौतेला व्यवहार बंद करो” जैसे नारे लगाए। खराब मौसम और तेज बारिश के बावजूद छात्र-छात्राएं डटे रहे और अपनी मांगों को बुलंद आवाज़ में उठाया।
आंदोलन का इतिहास
यह चौथा धरना था जो आयुष छात्रों ने जंतर-मंतर पर किया। इससे पहले तीन धरने क्रमशः अक्टूबर, दिसंबर (पिछले वर्ष) और जनवरी (इस वर्ष) में आयोजित हुए थे।
जून में आयुष मंत्री का बयान आया था कि NEXT परीक्षा 2022 बैच तक हटा दी जाएगी, लेकिन सितंबर में मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में फिर से 2021 बैच से लागू करने की बात कही गई। इससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।

छात्रों की मांग
छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि “एलोपैथ और आयुष समान हैं।” छात्रों ने सवाल उठाया कि फिर एक्जिट टेस्ट लागू करने में अलग मानक क्यों? उन्होंने मांग की है कि NEXT परीक्षा को आयुष और एलोपैथ दोनों पर एक समान 2024 बैच से लागू किया जाए।































