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लखनऊ22 मिनट पहले
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लखनऊ के राजेन्द्र नगर स्थित श्री महाकाल मंदिर से बाबा महाकाल की पालकी यात्रा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। यात्रा डमरुओं, ढोल-नगाड़ों और हर हर महादेव के जयघोष के साथ शुरू हुई।
यात्रा का आरंभ महाकाल मंदिर से हुआ। यह रानीगंज नाका चौराहा होते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इस नगर भ्रमण में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विशेषकर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी रही।
देखिए तस्वीरें…

लखनऊ के राजेन्द्र नगर स्थित श्री महाकाल मंदिर से बाबा महाकाल की पालकी यात्रा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई।

श्री महाकाल मंदिर से बाबा महाकाल की पालकी यात्रा में शामिल हुए साधू।

रानीगंज नाका चौराहा पर करतब दिखाते यात्रा में शामिल साधू।
उज्जैन की परंपरा का अनुसरण किया
मंदिर व्यवस्थापक अतुल मिश्रा ने बताया कि यात्रा से पहले उज्जैन की परंपरा का अनुसरण किया गया। बाबा महाकाल का रुद्राभिषेक किया गया। उनका श्रृंगार किया गया और 56 भोग अर्पित किए गए। इसके बाद विशेष आरती कर पालकी यात्रा का शुभारंभ हुआ।
यात्रा के दौरान भक्तों ने जगह-जगह फूलों से पालकी का स्वागत किया। ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगाए गए। यह यात्रा विशेष पुलिस सुरक्षा के बीच निकली।
मिष्ठान्न और फल की व्यवस्था
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह जल, मिष्ठान्न और फल की व्यवस्था की। डीजे, भजन और धार्मिक गीतों के साथ यात्रा लगातार आगे बढ़ती रही। हर जगह आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
धार्मिक आस्था का प्रतीक
शाम 7 बजे मंदिर परिसर में इस यात्रा का समापन हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी देता नजर आया। महाकाल बाबा की यह यात्रा लखनऊवासियों के लिए एक दिव्य अनुभव रही।
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