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बाराबंकी में खुलेआम बेचा जा रहा गांजा-हैदरगढ़ (विवियापुर के सामने)-रानीमऊ-बस स्टॉप बाराबंकी,महिला अस्पताल सहित रामनगर में फिर शुरु हुआ गांजे का कारोबार

गांजा माफियाओं के हौसले बुलंद- भांग की दुकानों पर चिप्पड़ और स्मैक का कारोबार

राघवेन्द्र मिश्रा @ स्वतन्त्र पत्रकार

उत्तर प्रदेश में लगातार माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर उन पर कड़ी कानूनी कार्यवाही कर माफियाओं की संपत्ति को ध्वस्त किया जा रहा है तो वही राजधानी से सटे जनपद बाराबंकी में मादक पदार्थ तस्करों का गिरोह आज भी सक्रिय है जानकारी के मुताबिक जिले में भांग के ठेकों पर चिप्पड़ और मार्फीन का अवैध कारोबार इन दिनों जोरों पर है ईमानदार पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में लगातार पुलिस मादक पदार्थ तस्करों पर कार्यवाही तो कर रही है लेकिन वह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जा रही है।
जिले का बहुचर्चित कस्बा हैदर गढ़ इन दिनों मादक पदार्थ तस्करों को लेकर सुर्खियों में है सूत्रों की जानकारी के अनुसार यहां औसनेश्वर रॉड पर बिबियापुर मोड़ पर नीम के नीचे गुमटी रख खुलेआम चिप्पड़ गांजा बेचा जा रहा है गांव के कई लोगों पुलिस से कई बार शिकायत और वीडियो भेजने के बाद भी इन तस्कर माफियाओं पर कोई शिकंजा अभी तक नहीं कसा है वही फैजाबाद हाईवे पर स्थित रानी मऊ में भट्टे वाली मोड़ पर पान की गुमटी में रखकर गांजा बेचा जा रहा है इतना ही नहीं यह माफिया शासन प्रशासन को चुनौती देकर बाराबंकी में बस स्टॉप पर खुलेआम गुमटी रख अवैध गांजे का कारोबार करते हैं जिला महिला अस्पताल के ठीक बगल भी खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है इस दुकान पर मालिक ने कैमरा लगा रखा है जिससे पुलिस आने जाने की खबर जल्दी मिल जाती है ताकि मसला जल्दी ही सुलट जाए।

उड़ीसा ,बिहार और नेपाल से आता है चिप्पड़ गांजा – माल पहुंचाने वाले को दिया जाता है उचित इनाम

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिप्पड़ गांजा उड़ीसा पंजाब हरियाणा बिहार और नेपाल के रास्ते यूपी लाया जाता है यहां इस गांजे का भाव ₹20000 प्रति किलो से भी अधिक हो जाता है जबकि इसकी खरीद 2 से ढाई हजार रुपए प्रति किलो की जाती है और यहां छोटी-बड़ी पुड़िया बनाकर बेचते हैं

नौकर के साथ हेल्पर को लगाकर कराते हैं गांजे की तस्करी, युवाओं की जिंदगी हो रही बर्वाद

भांग के ठेकों पर खुलेआम गांजे की पुड़िया बेची जा रही है यहां मालिक की तरफ से एक नौकर और एक हेल्पर को भी रखा जा रहा है डेढ़ सौ रुपए से शुरुआत होकर और हजारों रुपए तक की पुड़िया इन भांग के ठेके पर गांजे की बेंची जा रही है।

कुछ दिनों तक बंद रहा है गोरखधंधा- माफियाओं ने फिर पसारे पैर-अब जोरों पर

निकाय चुनाव के चंद दिनों पूर्व से ही पुलिस और एजेंसियों की सख्ती के चलते यह दुकाने लगभग बंद रही थी बीते 10 दिनों में लगभग सात दुकानों का संचालन बहुत तेजी से शुरू हो गया है अगर पुलिस ने शक्ति नहीं दिखाई तो यह माफिया अपने पैर फैलाने में कामयाब होंगे।

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