दो पक्षों के आमने-सामने आने से तनाव, जूते-चप्पल भी चले; दो घंटे तक जाम में फंसे राहगीर !
रिपोर्ट:- विवेक शुक्ला
रामनगर, बाराबंकी। गोंडा हत्याकांड में मृतक बर्तन व्यापारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रविवार को बुढ़वल चौराहे के स्टेशन मोड़ पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। काफिला रोके जाने की सूचना पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए।
इसी दौरान रोहिणी घावरी के समर्थन में सैकड़ों लोग बैनर-पोस्टर लेकर न्याय की मांग करते हुए वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस दौरान दोनों ओर से जूते-चप्पल भी फेंके गए। पुलिस ने तत्काल दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति नियंत्रित की।
पुलिस प्रशासन ने सांसद के काफिले को स्टेशन मार्ग से बुढ़वल स्थित अतिथिगृह ले जाने का प्रयास किया, लेकिन चंद्रशेखर समर्थकों के साथ सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में जिला प्रशासन, पुलिस और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पुलिस अधिकारियों ने सांसद और पार्टी नेताओं से वार्ता कर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और सांसद के काफिले को वापस रवाना कर दिया गया।
*हाईवे पर दो घंटे तक रेंगता रहा यातायात*
सांसद के समर्थन में हुए धरना-प्रदर्शन का असर लखनऊ-गोंडा हाईवे पर भी पड़ा। हाईवे पर भीषण जाम लग गया। पुलिस ने एक लेन से वाहनों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन करीब दो घंटे तक यातायात कछुए की चाल चलता रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से राहगीरों और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
























