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सपा पर पसमांदा मुस्लिमों की अनदेखी का आरोप !

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Naradsamvad - Narad news Agency
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राज्यसभा में प्रतिनिधित्व न मिलने पर उठे सवाल !

रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी 

बाराबंकी:- ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर पसमांदा मुस्लिम समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने अब तक किसी भी पसमांदा मुस्लिम को राज्यसभा नहीं भेजा, जिससे इस वर्ग में निराशा है। सट्टी बाजार स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश राजनीतिक पार्टियां पसमांदा मुस्लिम समाज को उनकी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं देती हैं, जिसके कारण यह समाज राजनीतिक हिस्सेदारी से वंचित रह जाता है, जबकि कुछ हिंदू पिछड़ी जातियों को उनकी आबादी से अधिक प्रतिनिधित्व मिलता रहा है, जो पिछले तीन दशकों के राजनीतिक इतिहास में स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज में बुनकर समुदाय की सबसे बड़ी आबादी होने के बावजूद उन्हें राजनीतिक दलों में उचित स्थान नहीं मिलता, इसके बाद राईन, मंसूरी और सलमानी बिरादरी का स्थान आता है, लेकिन इन वर्गों की भी उपेक्षा जारी है। वसीम राईन ने आरोप लगाया कि तथाकथित “मुस्लिम वोट बैंक” का हवाला देकर अशराफ तबका अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखता है और पसमांदा समाज की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े करता है, जिसके कारण पसमांदा मुसलमानों को अक्सर ऐसे नेताओं का समर्थन करना पड़ता है जो उनके समाज से नहीं आते। उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर महाज़ की रणनीति का भी उल्लेख किया और कहा कि संगठन विभिन्न राजनीतिक दलों से पसमांदा मुस्लिम बिरादरियों को उनकी आबादी के अनुपात में टिकट और पद देने की मांग कर रहा है। इसके तहत राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने, पिछड़ी मुस्लिम जातियों के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने, वक्फ बोर्ड और मदरसा बोर्ड जैसी संस्थाओं में पसमांदा नेताओं की नियुक्ति, पसमांदा बहुल जिलों में उद्योग व कारोबार के लिए फैसिलिटेशन सेंटर खोलने, तथा 2027 के चुनाव में पसमांदा उम्मीदवारों को टिकट दिलाने और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया व प्रचार तंत्र तैयार करने जैसे कदम शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने बुनकर समुदाय की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि जिस तरह किसानों का बिजली बिल माफ किया गया है, उसी तरह बिजली से बुनाई करने वाले बुनकरों को भी राहत दी जानी चाहिए, क्योंकि वे देश ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भारतीय हस्तकला को पहचान दिला रहे हैं। कार्यक्रम में निसार राईन, मोमिन राईन, कमरुद्दीन राईन, जावेद राईन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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