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बाराबंकी का लोधेश्वर महादेव बनेगा हाईटेक तीर्थ, श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

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Naradsamvad - Narad news Agency
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जर्नलिस्ट कृष्ण कुमार शुक्ल नारद संवाद

बाराबंकी। जिले का प्राचीन एवं प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम अब आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित हाईटेक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पर्यटन विभाग की लगभग 48.79 करोड़ रुपये की समेकित पर्यटन विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर का व्यापक कायाकल्प किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी और लोधेश्वर धाम का स्वरूप काशी की तर्ज पर विकसित होगा।

करीब 12,980 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत पांच भव्य प्रवेश द्वार, 652 मीटर लंबा एवं 3.25 मीटर चौड़ा कवर्ड कॉरिडोर, आधुनिक क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कंट्रोल रूम एवं कमांड सेंटर, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, पेंट्री, सिक्योरिटी स्टाफ हॉल, नौ दुकानें, पेयजल सुविधा तथा आकर्षक लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुरुष एवं महिलाओं के लिए 26-26 शौचालय तथा दिव्यांगजन के लिए चार विशेष शौचालय भी बनाए जाएंगे।

निर्माण कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। वर्तमान में मुख्य भवन की पाइलिंग और फाउंडेशन का कार्य जारी है। निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट को अगले वर्ष अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप लोधेश्वर महादेव धाम को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन नियमित रूप से निर्माण कार्य की निगरानी कर रहा है, ताकि गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से परियोजना पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय व्यापार एवं रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

रामनगर तहसील के महादेवा गांव में घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर का पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहां महायज्ञ किया था, जिसका प्रमाण आज भी मौजूद पांडव कूप है। यह भी माना जाता है कि यहां स्थापित शिवलिंग भारत के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में शामिल है। हर वर्ष महाशिवरात्रि और सावन मेले में लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। परियोजना पूरी होने के बाद लोधेश्वर महादेव धाम प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा।

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