रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी(लखनऊ) : – श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) में एआईसीटीई के समन्वयन से “यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज” विषयक तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा में मानवीय मूल्यों की समझ को विकसित करना तथा शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिकता, संवेदनशीलता और समग्र व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करना है।
उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी, कुलसचिव डॉ. हेमेन्द्र शर्मा, विभिन्न संकायों के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और नैतिक नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवीय दृष्टिकोण और जीवन मूल्यों का विकास होता है।
एफडीपी के उद्घाटन सत्र में रिसोर्स पर्सन आलोक कुमार पांडेय, को-फैसिलिटेटर डॉ. हेमलता जैन एवं हिमांशु कुमार द्विवेदी, ऑब्जर्वर डॉ. नियति गर्ग तथा रीजनल कोऑर्डिनेटर्स डॉ. उपासना मिश्रा, प्रो. गौरव मिश्रा और डॉ. बी. एन. पांडेय ने सहभागिता की। कार्यक्रम के संचालन में लोकल प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर्स प्रभात कुमार एवं डॉ. रुचि सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विश्वविद्यालय की ओर से कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. (डॉ.) कुलभूषण सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा में नैतिकता, सह-अस्तित्व और सहयोग जैसे मूल्यों का समावेश विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मानव मूल्यों की अवधारणा, नैतिक शिक्षा, सामाजिक विकास तथा मूल्य आधारित शिक्षण पद्धतियों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन 30 जुलाई 2026 को होगा।


























