वसीम राईन बोले—कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत !
रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी :- भारत रत्न एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को सट्टी बाजार स्थित कार्यालय में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ द्वारा श्रद्धांजलि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वसीम राईन ने कहा कि डॉ. कलाम केवल महान वैज्ञानिक या पूर्व राष्ट्रपति ही नहीं थे, बल्कि सादगी, ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति और समर्पण की मिसाल थे। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में पले-बढ़े होने के बावजूद डॉ. कलाम ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर भारत को वैज्ञानिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. कलाम का संबंध पसमांदा समाज से होना पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. कलाम ने मिसाइल कार्यक्रम को नई दिशा देकर भारत को आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक प्रदान की, इसी कारण उन्हें ‘मिसाइल मैन’ कहा जाता है। उन्होंने अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की। गोष्ठी में संगठन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, युवा एवं कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।