रिपोर्ट/नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी
रामनगर, बाराबंकी। खरीफ सीजन में खाद संकट के बीच सहकारी संघ लिमिटेड रामनगर बुढ़वल की बदहाल व्यवस्था किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। शुक्रवार को सुबह से खाद वितरण होने के बावजूद दर्जनों किसान घंटों लाइन में खड़े रहे, लेकिन कई किसान बिना खाद लिए ही वापस लौट गए। किसानों का आरोप है कि समिति पर तैनात सचिव न तो उनकी समस्याएं सुनते हैं और न ही सम्मानजनक व्यवहार करते हैं। उल्टा सवाल पूछने पर अभद्र लहजे में जवाब दिया जाता है।किसानों का कहना है कि खाद वितरण पूरी तरह अव्यवस्थित रहा। किसे खाद मिलेगी और किसे नहीं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। घंटों इंतजार के बाद जब किसानों ने जानकारी चाही तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय टालमटोल की गई। इससे किसानों में भारी आक्रोश फैल गया।हैरानी की बात यह रही कि एसडीएम की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात एक होमगार्ड भी घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाद नहीं पा सका। अंततः उसने नोडल अधिकारी एडीओ कृषि डॉ. दलबीर सिंह से अपनी व्यथा बताई, जिसके बाद उसे एक निजी उर्वरक विक्रेता से खाद उपलब्ध कराई गई। किसानों का सवाल है कि जब सरकारी समिति पर सरकारी कर्मचारी को खाद नहीं मिल पा रही है, तो आम किसान की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
किसानों ने आरोप लगाया कि बुढ़वल सहकारी समिति में हर साल खाद वितरण के दौरान यही हाल रहता है, लेकिन व्यवस्था सुधारने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी किसानों को परेशान करने में लगे रहते हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से समिति की कार्यप्रणाली और सचिव के व्यवहार की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

























