रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
रामनगर, बाराबंकी।रामनगर विधानसभा 267 क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांगने वाले दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। करीब दो दर्जन से अधिक नेता खुद को टिकट का प्रबल दावेदार बता रहे हैं, लेकिन इनमें कई ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जिन्हें आम जनता ठीक से पहचानती तक नहीं है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव नजदीक आते ही ऐसे नेता सक्रिय हो गए हैं, जिनका बीते वर्षों में क्षेत्र की समस्याओं और जनता से कोई खास जुड़ाव नहीं रहा।क्षेत्र के लोगों का कहना है कि टिकट की दौड़ में शामिल अधिकांश दावेदार केवल होर्डिंग, बैनर और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं, जबकि जनता के सुख-दुख में उनकी भागीदारी शायद ही कभी दिखाई दी हो। स्थानीय लोगों के अनुसार, दो दर्जन दावेदारों में महज तीन-चार नेता ही ऐसे हैं जो वर्षों से लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कराने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केवल प्रचार-प्रसार या पोस्टर लगाने से जनाधार तैयार नहीं होता। विधानसभा चुनाव में वही उम्मीदवार मजबूत माना जाता है, जिसने लंबे समय तक जनता के बीच रहकर विश्वास अर्जित किया हो। ऐसे में चुनावी मौसम में अचानक सक्रिय हुए नेताओं को लेकर मतदाताओं में भी सवाल उठ रहे हैं।क्षेत्र में चर्चा है कि भाजपा नेतृत्व यदि टिकट वितरण में जनाधार, संगठन के प्रति समर्पण और जनता के बीच सक्रियता को प्राथमिकता देता है, तो केवल दावेदारी करने वाले कई चेहरे दौड़ से बाहर हो सकते हैं। फिलहाल टिकट को लेकर दावेदारों की सक्रियता चरम पर है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के हाथ में है।






















