रिपोर्ट/नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी
बाढ़ कार्य खंड के एई के बिगड़े बोल, रेग्यूलेटर निर्माण में देरी
बाराबंकी। बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर बाढ़ कार्य खंड के अधिकारियों की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। चहलारी घाट से गणेशपुर बांध तक बाढ़ सुरक्षा एवं तटबंध संबंधी कार्यों के साथ गोबरहिया नाला पर रेग्यूलेटर और किमी-22 पर तीन ठोकरों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।निर्माण कार्य में देरी को लेकर जब बाढ़ कार्य खंड बाराबंकी के सहायक अभियंता नितिन पांडेय से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा, “मैं सीतापुर में काम करा रहा हूं, बाराबंकी से क्या वास्ता।” उन्होंने यह भी कहा कि कार्य कब पूरा होगा, इसकी जानकारी नहीं दे सकते क्योंकि यह सीतापुर का काम है।जब उन्हें बताया गया कि परियोजना का क्रियान्वयन बाढ़ कार्य खंड बाराबंकी द्वारा कराया जा रहा है, इसलिए विभाग को इसकी पूरी जानकारी देनी चाहिए, तब भी उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया।जानकारी के अनुसार, यह परियोजना वर्ष 2025 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते वर्ष 2026 में भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए बरसात और संभावित बाढ़ से पहले गोबरहिया नाला पर रेग्यूलेटर का निर्माण पूरा होना मुश्किल दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि सहायक अभियंता नियमित रूप से कार्यस्थल पर नहीं पहुंचते और जूनियर इंजीनियर भी कभी-कभार ही निरीक्षण के लिए आते हैं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। बताया जाता है कि कार्य में सुस्ती को लेकर सीतापुर प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को चेतावनी भी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण में तेजी नहीं आई।क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बाराबंकी और सीतापुर की सीमा को लेकर बहस करने के बजाय अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा जैसे संवेदनशील कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि बरसात के दौरान क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।






























